कानपुर नगर निगम में कथित वसूली और ठेका हेराफेरी मामले में छह मुकदमे, दो लोग गिरफ्तार

कानपुर नगर निगम में कथित वसूली और ठेका हेराफेरी मामले में छह मुकदमे, दो लोग गिरफ्तार

कानपुर नगर निगम में कथित वसूली और ठेका हेराफेरी मामले में छह मुकदमे, दो लोग गिरफ्तार
Modified Date: August 26, 2026 / 12:45 am IST
Published Date: August 26, 2026 12:45 am IST

कानपुर, 25 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर निगम में कथित जबरन वसूली और ठेकों में हेराफेरी करने वाले रैकेट के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई के तहत छह मुकदमे दर्ज किए गए हैं और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने मंगलवार को बताया कि रैकेट का कथित सरगना गोविंद शर्मा अब भी फरार है।

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि नगर निगम की शिकायतों के आधार पर स्वरूप नगर थाने में पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि छठा मुकदमा ठेकेदार सनी सिंह भदौरिया की शिकायत पर फजलगंज थाने में दर्ज किया गया है।

लाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘शर्मा पर ठेकेदारों संदीप जैन और रज्जन तिवारी के साथ मिलकर ठेकेदारों से जबरन वसूली करने और उन्हें धमकाने का आरोप है। जैन और तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि शर्मा फरार है। पहले मध्य प्रदेश और बाद में राजस्थान में उसकी मौजूदगी का पता चला था।’’

पुलिस के अनुसार, शर्मा कथित तौर पर नगर निगम के ठेकेदारों का एक नेटवर्क चलाता था और नगर निगम के कामों के आवंटन को प्रभावित करता था। सूत्रों के मुताबिक, वह कथित तौर पर ठेकेदारों से 85 प्रतिशत रकम पहले ही मांगता था और ठेकों के आवंटन में हेराफेरी के लिए लॉटरी आधारित ड्रॉ का इस्तेमाल करता था।

लाल ने कहा, ‘‘मामला सामने आने के बाद करीब 100 करोड़ रुपये की निविदाएं रद्द कर दी गई हैं और इनके लिए दोबारा निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।’’

उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के आदेश पर की गई जांच के बाद शुरू की गई।

एक अधिकारी ने बताया कि एक टीम ने निविदा फाइलों, आधिकारिक रिकॉर्ड और उन ठेकेदारों के काम की जांच की, जिन पर नगर निगम में दबाव बनाने का आरोप था।

लाल ने पुष्टि की कि कुछ समय से चल रही इस जांच में उस समय तेजी आई, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान नगर निगम में कथित अनियमितताओं को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई।

लाल ने बताया कि मंगलवार को अपर पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) अर्चना सिंह की अगुवाई में आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया गया है। यह दल उन लोगों की पहचान करेगा, जिन्होंने कथित तौर पर ठेकेदारों को धमकाने या निविदा प्रक्रिया को प्रभावित करने में आरोपियों की मदद की होगी।

भाषा

सं,सलीम रवि कांत


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