हरियाणा में छह नये सीवेज शोधन संयंत्र के 2027 तक चालू होने की उम्मीद
हरियाणा में छह नये सीवेज शोधन संयंत्र के 2027 तक चालू होने की उम्मीद
चंडीगढ़, 10 सितंबर (भाषा) हरियाणा में 132 मिलियन लीटर प्रतिदिन की संयुक्त क्षमता वाले छह नये जलमल शोधन संयंत्र के दिसंबर 2027 तक चालू होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
इस संबंध में बुधवार शाम को समीक्षा बैठक हुई, जिसमें हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव योगेश कुमार ने बताया कि ये छह सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) बजघेरा, सोनीपत के खेड़वा, यमुनानगर के रादौर मार्ग, पानीपत के ददलाना, फरीदाबाद के बादशाहपुर और पानीपत के सोधापुर में स्थापित किए जा रहे हैं।
इनके दिसंबर 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
राज्य में गोहाना, रोहतक के सोनारिया, बहादुरगढ़ के लाइन पार, पलवल के हसनपुर, गुरुग्राम के धनवापुर और बह्रमपुर में कुल 304 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) की संयुक्त क्षमता वाले छह एसटीपी का एक साथ उन्नयन किया जा रहा है।
इसके अलावा कई अतिरिक्त एसटीपी परियोजनाएं निविदा प्रक्रिया, तकनीकी मूल्यांकन और कार्यान्वयन के अन्य चरणों में आगे बढ़ रही हैं।
समीक्षा बैठक में औद्योगिक अपशिष्ट जल के शोधन को मजबूत करने के लिए प्रस्तावित साझा अपशिष्ट शोधन संयंत्रों (सीईटीपी) पर भी चर्चा की गई। फरीदाबाद के प्रतापगढ़ में प्रस्तावित 50 एमएलडी सीईटीपी के लिए 10 अगस्त को निविदाएं आमंत्रित की गई थीं जिन्हें 14 सितंबर तक जमा किया जा सकता है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इन समीक्षाओं में बुनियादी ढांचे के विकास, नियामकीय अनुपालन, प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी और नियमित प्रगति आकलन के जरिए जल और वायु प्रदूषण से निपटने के लिए हरियाणा के जारी प्रयासों को रेखांकित किया गया।
भाषा प्रचेता वैभव
वैभव

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