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नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई। बाढ़ के कारण रेल पटरियों, कृषि भूमि और सार्वजनिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचा। वहीं, हिमाचल प्रदेश और जम्मू क्षेत्र में भी मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
हिमाचल प्रदेश में बादल फटने की घटना में छह मकान बह गए। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किए जाने के बाद कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों के सभी स्कूल और कॉलेज मंगलवार को बंद रहे।
रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण शिमला जिले के ठियोग, चंबा जिले के सलूणी और कुल्लू जिले के निरमंड क्षेत्र के सभी शिक्षण संस्थानों को भी बंद रखा गया।
अधिकारियों ने बताया कि किन्नौर जिले में दो स्थानों पर भूस्खलन के कारण पुराना हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग-5) वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है।
जम्मू-कश्मीर के जम्मू क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में भी भारी बारिश हुई। इस बीच, सबसे अधिक प्रभावित पुंछ और राजौरी जिलों में लापता सात लोगों की तलाश के लिए बचाव दल अभियान चला रहे हैं।
पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में रविवार से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सात अन्य अब भी लापता हैं।
असम में चराइदेव जिले में बाढ़ के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिससे राज्य में बारिश और बाढ़ से संबंधित घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई।
असम के विभिन्न हिस्सों में ब्रह्मपुत्र, दिखो, देसांग और धनसिरी सहित कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इनमें से कुछ नदियों का जलस्तर उच्च स्तर को भी पार कर चुका है।
सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) तथा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं सहित कई एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
असम के ऊंचाई वाले कुछ हिस्सों में रेल पटरियों पर बाढ़ का पानी भर जाने से लगातार दूसरे दिन रेल सेवाएं प्रभावित रहीं। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने कई ट्रेनों को रद्द, आंशिक रूप से समाप्त या मार्ग परिवर्तित किया है तथा फंसे हुए यात्रियों के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, बिस्वनाथ, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप, कार्बी आंगलोंग, नगांव, शिवसागर और तिनसुकिया जिलों के 758 गांवों में तीन लाख 10 हजार 800 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
सबसे अधिक प्रभावित शिवसागर जिले में दिखो और देसांग नदियां क्रमशः शिवसागर नगर और नंगलामोराघाट में ‘अत्यधिक बाढ़ स्तर’ से ऊपर बह रही हैं।
नगालैंड के मोन जिले में लगातार बारिश और भूस्खलन के बीच पांच और शव मिलने से मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। चार अन्य लोग अब भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।
नगालैंड सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार, लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है तथा बुनियादी ढांचे, कृषि भूमि और सार्वजनिक सुविधाओं को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, राज्यभर में कम से कम 7,460 लोग प्रभावित हुए हैं।
नगालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, 10 जिलों के 93 गांवों में 64 मकानों को नुकसान पहुंचा है।
अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण पिछले 24 घंटों में पांच जिलों में फिर बाढ़ आ गई। अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा मानसून के दौरान राज्य में अब तक लगभग 1.49 लाख लोग प्रभावित हो चुके हैं।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार सियांग, पापुम पारे, पश्चिम कामेंग, कामले और निचला सियांग जिलों के छह प्रशासनिक क्षेत्रों में बाढ़ और बारिश से जुड़ी नयी घटनाएं सामने आई हैं।
उत्तराखंड में लगातार बारिश और भूस्खलन के मद्देनजर एहतियातन स्थगित की गई चारधाम यात्रा मंगलवार को फिर शुरू कर दी गई।
बारिश से क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद देहरादून-मसूरी मार्ग भी हल्के वाहनों के लिए फिर से खोल दिया गया।
इस बीच, राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में मंगलवार को आमतौर पर बादल छाए रहने के बीच मध्यम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रात के दौरान तथा अगले तीन दिन तक तेज हवाओं के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।
मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटे के दौरान सफदरजंग में 10.6 मिलीमीटर, पालम में 15 मिलीमीटर, लोधी रोड पर 12.2 मिलीमीटर, रिज क्षेत्र में 18.6 मिलीमीटर और आया नगर में 17.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक पालम में 9.6 मिलीमीटर, सफदरजंग में 0.6 मिलीमीटर, लोधी रोड पर 0.8 मिलीमीटर और आया नगर में 17.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि रिज क्षेत्र में नाममात्र की बारिश हुई।
आईएमडी ने रात के दौरान आमतौर पर बादल छाए रहने तथा गरज के साथ बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है। इस दौरान हवाओं की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
बुधवार को भी मौसम इसी तरह बने रहने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, मंगलवार शाम चार बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 69 दर्ज किया गया, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है।
भाषा रवि कांत रवि कांत अविनाश
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