नुआकशोत, 21 जुलाई (एपी) संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने मंगलवार को कहा कि वह पिछले सप्ताह मॉरिटेनिया के तट के निकट यूरोप जाने की कोशिश कर रही नौकाओं के दुर्घटनाग्रस्त होने से 150 से अधिक लोगों के मारे जाने या लापता होने की घटना से ‘अत्यंत दुखी’ है।
एजेंसी के अनुसार, 14 और 18 जुलाई के बीच घटी दो अलग-अलग घटनाओं के बाद 144 लोग मृत या लापता बताए गए हैं, जबकि 387 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
मॉरिटेनिया तटरक्षक बल ने बताया कि राजधानी नुआकशोत के पास समुद्र में 122 लोग लापता हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, गाम्बिया से केनेरी द्वीप समूह की ओर जा रही इस नौका में 160 लोग सवार थे। ईंधन खत्म हो जाने के कारण यह नौका 25 दिनों तक समुद्र में फंसी रही।
एक अन्य घटना में, तटरक्षक बल ने बताया कि उन्होंने शनिवार को सेनेगल से रवाना हुई एक नौका में सवार 179 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
दोनों ओर से जारी किए गए आंकड़ों में अंतर की वजह फिलहाल पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है।
स्वदेश में आर्थिक अवसरों की कमी के चलते बेहतर जिंदगी की तलाश में यूरोप जाने वाले सब-सहारा अफ्रीका के लोगों के लिए मॉरिटानिया का समुद्री मार्ग एक प्रमुख जरिया बन गया है।
संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने अपने बयान में कहा कि केनेरी द्वीप समूह की ओर जाने वाला यह समुद्री रास्ता ‘‘दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तों में से एक’’ है, जहां लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और कम क्षमता वाली जर्जर नौकाओं में क्षमता से अधिक लोगों को भर दिया जाता है।
एपी धीरज रंजन
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