परिजनों को बिना बताए एसयूवी लेकर ‘मौज-मस्ती’ के लिए निकले छह स्कूली छात्रों की दुर्घटना में मौत

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परिजनों को बिना बताए एसयूवी लेकर 'मौज-मस्ती' के लिए निकले छह स्कूली छात्रों की दुर्घटना में मौत

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  • Publish Date - February 14, 2026 / 08:09 PM IST,
    Updated On - February 14, 2026 / 08:09 PM IST

बेंगलुरु, 14 फरवरी (भाषा) सुबह-सुबह अपने परिजनों को बिना सूचित किए एसयूवी लेकर ‘मौज-मस्ती’ के लिए निकले छह स्कूली छात्रों समेत सात लोगों की एक दुर्घटना में मौत हो गयी। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार तड़के बेंगलुरु ग्रामीण जिले में होसकोटे-डाबास्पेट राजमार्ग पर एम सत्यवारा के पास कई वाहनों की टक्कर हो गयी।

पुलिस के अनुसार, छह छात्र मौज-मस्ती के लिए एक एसयूवी में निकले थे। बताया जा रहा है कि छात्र अयान अली द्वारा चलाई जा रही एसयूवी कार 150-160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से होसकोटे से देवनहल्ली की ओर जा रही थी, तभी उसने कथित तौर पर आगे जा रही एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी।

पुलिस ने बताया कि अली अपने माता-पिता की जानकारी दिए बिना कार लेकर चला गया था।

उन्होंने बताया कि एसयूवी के चालक ने कथित तौर पर शुरुआती टक्कर के बाद नियंत्रण खो दिया और एक कैंटर वाहन से टकरा गया। एक और कार भी वाहन से टकरा गयी जिससे भीषण दुर्घटना हो गई।

पुलिस ने बताया कि एसयूवी में सवार छह लोगों और मोटरसाइकिल सवार की मौके पर ही मौत हो गई। मोटरसाइकिल सवार की पहचान देवनहल्ली निवासी 26 वर्षीय गगन के रूप में हुई है।

टक्कर के कारण दोपहिया वाहन चालक वाहन से उछलकर गिर गया और सड़क किनारे लगे धातु के बैरियर से टकरा गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

अन्य मृतकों की पहचान अहराम शरीफ (16), अश्विन नायर, ईथन जॉर्ज, अयान अली, भरत – सभी 17 वर्ष के और मोहम्मद फरहान शेख (18) के रूप में हुई है। सभी दसवीं और बारहवीं कक्षा के छात्र थे।

शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे शोक संतप्त माता-पिता होसकोटे के पास एमवीजे अस्पताल पहुंचे। इनमें से कई लोग सदमे में थे, पुलिस द्वारा उन्हें दी गई खबर को स्वीकार करने में असमर्थ थे क्योंकि अधिकांश परिवार अपने बच्चों के मौज-मस्ती के लिये घर से बाहर जाने से अनजान थे और मान रहे थे कि उनके बच्चे घर पर अपने कमरों में सो रहे थे।

शरीफ के रिश्तेदार बाबा जान ने पत्रकारों को बताया कि शरीफ को दोपहिया वाहन चलाना भी नहीं आता था।

गगन के परिजनों ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में काम करता था और अपनी दृष्टिहीन मां का एकमात्र सहारा था।

उनके परिवार के अनुसार, गगन अपनी रात्रिपाली खत्म करके घर लौट रहे थे तभी यह हादसा हुआ। वह शाम पांच बजे काम पर जाता था और तड़के करीब तीन बजे लौटता था।

पुलिस ने बताया कि जांच जारी है।

भाषा

शुभम प्रशांत

प्रशांत