छोटी-मोटी सफलताएं, विराम और खराब मौसम बन रहे भारतीय पर्यटकों के लिए देशाटन की वजह

छोटी-मोटी सफलताएं, विराम और खराब मौसम बन रहे भारतीय पर्यटकों के लिए देशाटन की वजह

छोटी-मोटी सफलताएं, विराम और खराब मौसम बन रहे भारतीय पर्यटकों के लिए देशाटन की वजह
Modified Date: September 8, 2026 / 05:55 pm IST
Published Date: September 8, 2026 5:55 pm IST

नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) आधे से अधिक भारतीय पर्यटक अब छुट्टियों, वर्षगांठ या जीवन के किसी बड़े अवसर की प्रतीक्षा किए बिना ही देशाटन कर रहे हैं। रोजमर्रा के मूड, छोटी-मोटी सफलताएं और विराम की आवश्यकता अब देशाटन करने की नयी वजह बन रही हैं। यह बात एक नए अध्ययन में कही गई है।

‘समर ट्रैवल रिसर्च 2026’ नामक अध्ययन में पाया गया कि ‘‘58 प्रतिशत’’ भारतीय पर्यटकों ने इसलिए यात्रा की क्योंकि वे कहीं जाना चाहते थे, जबकि ‘‘57 प्रतिशत’’ ने पिछले साल छुट्टियां बिताने वाली दो से तीन ऐसी यात्राएं कीं, जिनका जीवन की किसी बड़ी घटना, जश्न या अहम पड़ाव से कोई लेना-देना नहीं था।

इस अध्ययन की शुरुआत प्रमुख ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी ‘बुकिंग डॉट कॉम’ ने की थी और मई में ऑनलाइन मार्केट रिसर्च और डेटा एनालिटिक्स ग्रुप ‘यूगोव’ ने भारत के 10 शहरों में 18 साल और इससे अधिक उम्र के 1,000 लोगों के बीच इसे किया।

अध्ययन में कहा गया है, ‘‘छोटी-मोटी निजी सफलताओं का जश्न मनाने से लेकर बस माहौल बदलने की चाहत तक, आज के पर्यटक यह साबित कर रहे हैं कि अचानक और दैनिक जीवन से हटकर छोटी-मोटी यात्राएं करना ही अब नया चलन बन गया है। जब मन करे तब निकल पड़ें, इसके लिए किसी खास वजह की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि बिना किसी खास मकसद के यात्रा करना ही सबसे अच्छी वजह है।’’

भारतीय पर्यटकों में से 61 प्रतिशत ने छोटी-मोटी सफलताओं का जश्न मनाने के लिए यात्रा बुक की थी, जैसे कि ‘फिटनेस’ का लक्ष्य हासिल करना या काम के मुश्किल हफ़्ते से राहत पाना।

इसी तरह, ‘‘55 प्रतिशत’’ लोगों ने सिर्फ़ होटल विलासिता का आनंद लेने के लिए यात्रा बुक की, जबकि ‘‘57 प्रतिशत’’ लोग तब घूमने निकले जब स्थानीय मौसम खराब हो गया और वे दूसरे माहौल का अनुभव करना चाहते थे।

वहीं, ‘‘48 प्रतिशत’’ लोगों ने कहा कि उन्होंने फ़ोटो और वीडियो के लिए बेहतर पृष्ठभूमि खोजने के लिए यात्रा की।

लगभग ‘‘35 प्रतिशत’’ लोगों ने अपने ‘पार्टनर’ के साथ झगड़े या अलगाव के बाद यात्रा की, जबकि ‘‘46 प्रतिशत’’ लोग ‘ड्रिलिंग’ की आवाज़, घर की मरम्मत या पड़ोस के शोर से बचने के लिए यात्रा की।

कुछ लोगों के लिए ज्योतिष पर्यटन की वजह बना। ‘‘22 प्रतिशत’’ लोगों ने इसलिए यात्रा बुक की क्योंकि उनके ज्योतिषी ने कहा था कि यात्रा के लिए यह शुभ समय है।

बुकिंग डॉट कॉम में दक्षिण एशिया मामलों के क्षेत्रीय प्रमुख संतोष कुमार ने कहा, ‘‘लंबे समय तक, यात्रा का संबंध विशिष्ट अवसरों और कैलेंडर की छुट्टियों से ही रहा है। अब यह सोच कहीं ज़्यादा निजी चीज़ों की ओर बढ़ रही है, जो पल-पल बदलते मूड, रोज़मर्रा की अचानक होने वाली घटनाओं और छोटी-छोटी खुशियों को मनाने से प्रेरित है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘फिटनेस का लक्ष्य हासिल करने या दैनिक जीवन से विराम लेने से लेकर परिवार के किसी जमावड़े से बचने तक, यात्री घूमने-फिरने के लिए अपने-अपने कारण ढूंढ़ रहे हैं।’’

इस अध्ययन में दिल्ली एनसीआर, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, लखनऊ और जयपुर को शामिल किया गया, तथा हर शहर से लगभग 100 लोग इसमें शामिल हुए।

भाषा नेत्रपाल पवनेश

पवनेश


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