कोलकाता, एक सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक अमरनाथ शाखा ने मंगलवार को पार्टी नेतृत्व के एक धड़े पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे माकपा का मुकाबला करने के बजाय अपना प्रचार करने, रील्स बनाने और सोशल मीडिया पर ‘फॉलोअर’ की संख्या बढ़ाने में व्यस्त हैं।
बांकुड़ा जिले के ओंडा से दो बार के विधायक और कई वर्षों से भाजपा से जुड़े रहे शाखा ने कहा कि उन्होंने दूसरों को खुश करने के लिए कभी समझौता नहीं किया और अपनी बात खुलकर कहने की वजह से उनके ‘कई शत्रु’ बन गए हैं।
भाजपा विधायक ने कहा, ‘‘हैरानी की बात यह है कि हमारे किसी भी वरिष्ठ नेता ने इसका विरोध नहीं किया है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि नेता सुबह से रात तक अपना प्रचार करने में व्यस्त रहते हैं।
शाखा ने पार्टी नेतृत्व के एक हिस्से पर यह आरोप भी लगाया कि वह संगठन को मजबूत करने के बजाय सोशल मीडिया पर रील्स बनाने, ‘फॉलोअर’ बढ़ाने और प्रशंसक क्लब बनाने में अधिक दिलचस्पी रखते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘किसी नेता का अनुयायी बनने के बजाय, पहले पार्टी के अनुयायी बनें। नेता तो आते-जाते रहेंगे, लेकिन पार्टी बनी रहेगी।’’
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि पार्टी के सत्ता में आने के तुरंत बाद कुछ नेताओं की ‘संपन्नता’ में बढ़ोतरी हुई, साथ ही उन्होंने संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठाए।
शाखा ने कहा, ऐसे नेताओं का रुख ‘‘पार्टी भाड़ में जाए, बस उनका अपना हित सधना चाहिए है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का मुकाबला करने के लिए बहुत कम कोशिश की गई।
सत्तारूढ़ दल के विधायक ने भाजपा के साथ अपने लंबे राजनीतिक जुड़ाव का भी ज़िक्र किया और कहा कि पार्टी के लिए खुद को समर्पित करने के वास्ते उन्होंने अपनी ज़िंदगी, जवानी और परिवार को दूर रखा।
शाखा ने दावा किया कि उन्होंने वाम मोर्चा के 34 साल के शासन के दौरान ‘खून-खराबे और दहशत’ के साथ-साथ तृणमूल कांग्रेस द्वारा किए गए कथित हमलों का भी सामना किया, और इसके बाद लोगों ने भाजपा पर भरोसा जताया।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन कुछ लोगों की वजह से पार्टी को नुकसान हो रहा है। फिर भी किसी को इसकी परवाह नहीं है। बस एक ही मकसद है – पैसा कमाना।’’
विधायक से जब संवाददाताओं ने उनकी पोस्ट के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं किसी को खुश करने के लिए नहीं जीता। जो मुझे गलत लगता है, मैं उसके खिलाफ आवाज उठाता हूं और इस वजह से मेरे कई दुश्मन बन गए हैं। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।’’
शाखा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, भाजपा की जिला इकाई के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि उन्हें अपने विचार पार्टी के मंच पर रखने चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘वह पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। उन्हें अपनी राय पार्टी के भीतर रखनी चाहिए। उनके विचार और राय बहुत महत्वपूर्ण हैं और हम उन पर गौर करेंगे।’’
शाखा के सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े पहले के विवाद के मद्देनजर यह हालिया पोस्ट अहम हो जाता है।
लगभग दो महीने पहले, उनके अकाउंट से कथित तौर पर किए गए एक पोस्ट ने राजनीतिक अटकलों को जन्म दिया था। उक्त पोस्ट में आरोप लगाया गया था कि पार्टी के भीतर उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है और साथ ही राजनीति छोड़ने का संकेत भी दिया गया था।
शाखा के अकाउंट से किये गए पोस्ट में सलाह दी गई थी कि ‘‘तृणमूल कांग्रेस के अच्छे लोगों’’ को पार्टी चलानी चाहिए।
बाद में शाखा ने उस विवादित पोस्ट से किनारा करते हुए दावा किया था कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी और सोशल मीडिया अकाउंट हैक हो जाने की आशंका जताते हुए उन्होंने पुलिस से संपर्क किया था।
भाषा धीरज दिलीप
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