कुछ लोग महिला आरक्षण विधेयक को हमेशा ‘राजनीतिक धक्का’ मार देते थे : मप्र विधानसभा अध्यक्ष

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कुछ लोग महिला आरक्षण विधेयक को हमेशा ‘राजनीतिक धक्का’ मार देते थे : मप्र विधानसभा अध्यक्ष

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  • Publish Date - April 15, 2026 / 02:50 PM IST,
    Updated On - April 15, 2026 / 02:50 PM IST

खंडवा, 15 अप्रैल (भाषा) नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार की तारीफ करते हुए मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने बुधवार को कहा कि विधायी निकायों की निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में यह कानून मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में कुछ लोगों के राजनीतिक रोड़े अटकाने से महिला आरक्षण विधेयक संसद में पारित नहीं हो सका था।

तोमर ने खंडवा में एक कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान संवाददाताओं से कहा कि महिला आरक्षण कानून लंबे वक्त से अपेक्षित था और इससे किसी भी व्यक्ति को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग ऐसे थे जो इस विधेयक को राजनीतिक तरीके से हमेशा धक्का मार देते थे, इसलिए यह संसद से पारित होकर कानून नहीं बन सका था।’’

तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साहसिक फैसले से यह कानून वजूद में आया जिससे महिलाओं को लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘यह कानून इस दशक का ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय है। निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दृष्टि से यह कानून आने वाले कल में मील का पत्थर साबित होगा।’

विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन राजनीति के विषय नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘परिसीमन एक निर्धारित प्रक्रिया है जो समय-समय पर होती ही रही है, भले ही सरकार कोई भी हो।’’

तोमर ने बिहार के मुख्यमंत्री की कमान संभालने वाले सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि उनके योग्य नेतृत्व में बिहार विकास पथ पर और आगे बढ़ेगा।

नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं। राज्य के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी के किसी नेता ने मुख्यमंत्री पद संभाला है।

भाषा सं. हर्ष मनीषा

मनीषा