UCC in Chhattisgarh: ‘उन्हें हाय तौबा नहीं मचाना चाहिए’.. UCC को लेकर विपक्ष ने लगाए आरोप तो कृषि मंत्री नेताम ने दिया करारा जबाव, गजेंद्र यादव ने भी साधा निशाना

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'उन्हें हाय तौबा नहीं मचाना चाहिए'.. UCC को लेकर विपक्ष ने लगाए आरोप तो कृषि मंत्री नेताम ने दिया करारा जबाव, UCC in Chhattisgarh: Statement of Ramvichar Netam and Gajendra Yadav

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  • Publish Date - April 15, 2026 / 04:56 PM IST,
    Updated On - April 15, 2026 / 04:56 PM IST
HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ में साय सरकार का बड़ा फैसला
  • यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का ऐलान
  • सरकार के मंत्रियों ने दी कई अहम प्रतिक्रियाएं

रायपुरः UCC in Chhattisgarh छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का फैसला लिया है। इसके लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी। समिति के सदस्यों का चयन मुख्यमंत्री करेंगे। इसे लेकर अब नेताओं की प्रतिक्रिया भी आनी शुरू हो गई है। साय सरकार में विधि मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि UCC लागू करने का हमारा वादा था। मोदी जी का सीना 56 इंच का है। तुष्टिकरण के लिए काम नहीं करते हैं। कांग्रेस के लोग धारा 370 हटने पर खून की नदी बहने की बात बोलते थे। देश की जनता सभी मुद्दों पर सरकार के साथ रहती है। कांग्रेस देश विरोधी ताक़तों के साथ खड़ी रहते हैं। कांग्रेस चाहती है देश धर्मांतरित मतांतरित हो जाए।

UCC in Chhattisgarh वहीं कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सालों से UCC को लागू करना बीजेपी के एजेंडे में रहा है। आज साय कैबिनेट ने ऐतिहासिक निर्णय ली है। जितनी जल्दी UCC लागू हो हमारी मंशा है। विपक्ष के आरोपों पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि इसमें किसी को हाय तौबा नहीं मचाना चाहिए। कांग्रेस अपना धर्म निभाये, हम अपना काम करेंगे। मोदी की गारंटी पर हम लगातार काम कर रहे है।

क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड? (Chhattisgarh UCC Update)

  • विवाह, तलाक, गोद लेने और संपत्ति में सभी के लिए एक नियम।
  • परिवार के सदस्यों के आपसी संबंध और अधिकारों में समानता।
  • जाति, धर्म या परंपरा के आधार पर नियमों में कोई रियायत नहीं।
  • किसी भी धर्म विशेष के लिए अलग से कोई नियम नहीं।

UCC हो लागू तो क्या होगा? (UCC implementation in Chhattisgarh)

  • UCC के तहत शादी, तलाक, संपत्ति, गोद लेने जैसे मामले।
  • हर धर्म में शादी, तलाक के लिए एक ही कानून।
  • जो कानून हिंदुओं के लिए, वहीं दूसरों के लिए भी।
  • बिना तलाक के एक से ज्यादा शादी नहीं कर पाएंगे।
  • शरीयत के मुताबिक जायदाद का बंटवारा नहीं होगा।

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