मुंबई, 15 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के सांसदों से महिला आरक्षण अधिनियम का शीघ्र कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ विधेयकों को पारित करने के वास्ते बुलाई गई संसद की विशेष बैठक में भाग लेने की अपील की है।
वहीं कांग्रेस ने कहा कि ऐसे समय में जब पांच राज्यों में चुनाव हैं, केंद्र का यह कदम ‘सोची-समझी रणनीति’ है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इस सप्ताह की शुरुआत में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों तथा राज्य के राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को लिखे पत्र में कहा कि इन विधेयकों का पारित होना एक ऐतिहासिक क्षण होगा।
उन्होंने सभी सांसदों से संसद में उपस्थित होकर महाराष्ट्र की महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की परंपरा के अनुरूप विधेयकों का समर्थन करने का आग्रह किया।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण पहले ही सुनिश्चित कर लिया है।
वहीं कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रवक्ता अतुल लोन्धे ने भाजपा पर अहम चुनावों से पहले परिसीमन को आगे बढ़ाने के लिए विधेयक को ‘राजनीतिक चाल’ के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और इस कदम के समय और इरादे पर सवाल उठाए।
लोन्धे ने कहा कि अगर भाजपा वास्तव में महिला आरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है, तो उसे कांग्रेस की मांग के अनुसार 2023 में पारित होने के बाद इसे 2024 से ही लागू कर देना चाहिए था।
लोन्धे ने कहा, “सरकार ने पहले कहा था कि जनगणना के बाद महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया जाएगा। अब अचानक इसके नाम पर परिसीमन का मुद्दा उठाया जा रहा है, जिससे पता चलता है कि असली मुद्दा परिसीमन ही है।’’
भाषा शोभना माधव नरेश
नरेश