Somnath Amrut Mahotsav: सोमनाथ में दिखा भव्य नजारा, 11 पवित्र तीर्थों के जल से हुआ दिव्य अनुष्ठान, पीएम मोदी ने निभाई खास परंपरा, जानिए क्या है कुंभाभिषेक?

Somnath Amrut Mahotsav: सोमनाथ में दिखा भव्य नजारा, 11 पवित्र तीर्थों के जल से हुआ दिव्य अनुष्ठान, पीएम मोदी ने निभाई खास परंपरा, जानिए क्या है कुंभाभिषेक?

Somnath Amrut Mahotsav: सोमनाथ में दिखा भव्य नजारा, 11 पवित्र तीर्थों के जल से हुआ दिव्य अनुष्ठान, पीएम मोदी ने निभाई खास परंपरा, जानिए क्या है कुंभाभिषेक?

Somnath Amrut Mahotsav | Photo Credit: AI

Modified Date: May 11, 2026 / 01:23 pm IST
Published Date: May 11, 2026 1:16 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मंदिर पुनर्निर्माण के बाद उद्घाटन की 75वीं वर्षगांठ पर महोत्सव
  • पहली बार सोमनाथ मंदिर में कुंभाभिषेक का आयोजन
  • 11 तीर्थों का जल, वैदिक मंत्रोच्चार, महारुद्र यज्ञ और वायुसेना एयर शो

नई दिल्ली: Somnath Amrut Mahotsav पीएम मोदी आज गुजरात दौरे पर है। इस दौरान आज पीएम मोदी ने सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लेने से पहले सोमवार को गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में रोड शो किया। जिसके बाद पीएम मोदी सोमनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने कुंभाभिषेक और पूजा अर्चना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ अमृत महोत्सव के तहत बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर में पूजा-पाठ की।

11 तीर्थों के जल

Somnath Amrut Mahotsav इसके लिए 11 तीर्थों के जल को एक बड़े कलश में रखा गया था। इस कलश को 90 मीटर लंबी क्रेन के जरिए मंदिर शिखर के ऊपर स्थापित किया गया था। सोमनाथ अमृत महोत्सव, मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद उसके उद्घाटन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर मनाया जा रहा है।

सोमनाथ अमृत महोत्सव पर डाक टिकट जारी किया

पूजा-अभिषेक के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पीएम मोदी का सेरेमोनियल पगड़ी और खेस के साथ स्वागत किया। साथ ही उन्हें सोमनाथ मंदिर की एक फ्रेम की हुई तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान पीएम ने डाक टिकट भी जारी किया गया।

सोमनाथ में पहली बार हुआ कुंभाभिषेक

आपको बता दें कि दक्षिण भारत में मंदिरों में 12 साल में कुंभाभिषेक करने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे दैवीय ऊर्जा को फिर से जागृत किया जाता है। लेकिन गुजरात के सोमनाथ मंदिर में पहले बार कुंभाभिषेक किया गया है। मंदिर के शिखर पर 90 मीटर ऊंची क्रेन से पहुंचाए गए शिखर का कुंभाभिषेक हुआ। शिखर पर अभिषेक करने के बाद, गर्भगृह में मुख्य मूर्तियों का भी उसी पवित्र जल से अभिषेक किया गया। इस मौके पर वायुसेना के सूर्य किरण विमान एयर शो हुआ। सोमनाथ मंदिर के ऊपर आसमान में प्लेन ने करतब दिखाए। आसमान में हार्ट (दिल) का शेप बनाया।

क्या है कुंभाभिषेक? (Kumbhabhishek Kya Hota Hai)

कुंभाभिषेक = कुंभ (कलश) + अभिषेक (स्नान) अर्थात पवित्र कलश जल से मंदिर शिखर का अभिषेक। दक्षिण भारत मंदिरों की पद्धति में बताया गया है कि कुंभाभिषेक से मंदिर को फिर से जागृत किया जाता है। धार्मिक विद्वानों के मुताबिक, कुंभाभिषेक का संदेश केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक ऊर्जा, एकता और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का भी प्रतीक माना जाता है। सोमनाथ मंदिर में वैदिक मंत्रों के साथ कुंभाभिषेक किया गया है और इस दौरान 51 वैदिक ब्राह्मणों ने रुद्र पाठ किया और महारुद्र यज्ञ में 1.25 लाथ आहुतियां भी दी गईं।

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