दक्षिण-पश्चिम मानसून की बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान: आईएमडी
दक्षिण-पश्चिम मानसून की बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान: आईएमडी
नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को कहा कि इस वर्ष देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के दौरान होने वाली मौसमी बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है।
भारत में इस दौरान 80 सेंटीमीटर बारिश होने की संभावना है। देश में मौसमी बारिश का (1971 से 2020 तक) दीर्घकालिक औसत (एलपीए) 87 सेंटीमीटर रहा है।
मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. एम. महापात्र ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मात्रात्मक रूप से, पूरे देश में मौसमी बारिश एलपीए के 92 प्रतिशत तक होने की संभावना है, जिसमें पांच प्रतिशत की कमी या बढ़ोतरी हो सकती है।’’
सामान्य से कम वर्षा का एक कारण अल नीनो की स्थिति का उभरना हो सकता है, जिससे देश में कम बारिश होती है।
आईएमडी के अनुसार, जलवायु मॉडल संकेत देते हैं कि जून के आसपास अल नीनो की स्थिति बनने की संभावना है।
वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में कमजोर ला नीना की स्थिति धीरे-धीरे समाप्त होकर सामान्य (तटस्थ) जलवायु स्थिति में बदल रही है।
साथ ही, जलवायु मॉडल दर्शाते हैं कि मानसून के दूसरे चरण में ‘पॉजिटिव इंडियन ओशन डाइपोल’ (पीआईओडी) की स्थिति विकसित हो सकती है।
‘पॉजिटिव इंडियन ओशन डाइपोल’ का अर्थ है हिंद महासागर के पश्चिमी भाग (अफ्रीकी तट) का सामान्य से अधिक गर्म होना और पूर्वी भाग (इंडोनेशिया) का ठंडा होना। इस स्थिति में हवाएं पूर्व से पश्चिम (बंगाल की खाड़ी से अरब सागर) की ओर चलती हैं। इससे हिंद महासागर में समुद्र के तापमान में ऐसा बदलाव हो सकता है, जिससे मौसम पर असर पड़ेगा और बारिश के तरीके में परिवर्तन आ सकता है।
डॉ. महापात्र ने कहा, ‘‘पॉजिटिव आईओडी से अधिक वर्षा होती है। इसलिए, हमें उम्मीद है कि यह मानसून के दूसरे चरण में अल नीनो के प्रभाव को कम करने में सहायक होगा।’
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में, उत्तरी गोलार्द्ध में पिछले तीन महीनों (जनवरी से मार्च) के दौरान हिमपात का क्षेत्र सामान्य से थोड़ा कम रहा।
जब उत्तरी गोलार्द्ध में सर्दी और वसंत के दौरान बर्फ ज्यादा गिरता है, तो उसके बाद भारत में मानसून की बारिश आमतौर पर कम हो सकती है, और अगर बर्फ कम हो तो बारिश अधिक होने की संभावना रहती है।
आईएमडी मानसून की वर्षा का पहला पूर्वानुमान अप्रैल के मध्य में जारी करता है और मई के अंतिम सप्ताह में अद्यतन पूर्वानुमान जारी करता है।
भाषा तान्या सुरेश
सुरेश

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