अंतरिक्ष स्टार्टअप ‘एस्ट्रोबेस’ ने निजी तौर पर निर्मित भारत का पहला एफएफएससी रॉकेट इंजन पेश किया

अंतरिक्ष स्टार्टअप ‘एस्ट्रोबेस’ ने निजी तौर पर निर्मित भारत का पहला एफएफएससी रॉकेट इंजन पेश किया

अंतरिक्ष स्टार्टअप ‘एस्ट्रोबेस’ ने निजी तौर पर निर्मित भारत का पहला एफएफएससी रॉकेट इंजन पेश किया
Modified Date: August 8, 2026 / 12:28 am IST
Published Date: August 8, 2026 12:28 am IST

नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) बेंगलुरु आधारित अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्टार्टअप ‘एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज़’ ने शुक्रवार को भारत के पहले निजी तौर पर निर्मित ‘फुल-फ़्लो स्टेज्ड कंबशन’ (एफएफएससी) एलओएक्स-मीथेन रॉकेट इंजन का अनावरण किया।

एफएफएससी रॉकेट इंजन दुनिया के सबसे आधुनिक रॉकेट इंजनों में से एक है, क्योंकि यह सभी प्रणोदकों का इस्तेमाल करके बेहतरीन क्षमता प्रदर्शन करता है।

‘एवरेस्ट’ नामक यह इंजन तरल ऑक्सीजन और मीथेन से संचालित होता है और 800 किलोन्यूटन का ‘थ्रस्ट’ पैदा करता है। इसे दोबारा इस्तेमाल होने वाले ‘मीडियम-लिफ्ट लॉन्च व्हीकल’ के लिए डिज़ाइन किया गया है।

हालांकि, इंजन का परीक्षण अभी बाकी है और परीक्षण का समय अभी तय नहीं किया गया है।

कंपनी के सह-संस्थापक नीरज खंडेलवाल ने एक बयान में कहा कि ‘एवरेस्ट’ एक ऐसी औद्योगिक क्षमता की नींव है जिसकी भारत को आने वाले वर्षों में ज़्यादा से ज़्यादा ज़रूरत होगी।

भाषा नेत्रपाल शफीक

शफीक


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