नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) नेपाल और भूटान के साथ लगती बिना बाड़ वाली सीमाओं की रक्षा में जुटे सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने अपने जवानों के बीच शराब की ‘दीर्घकालिक’ लत के कम से कम 50 मामलों की पहचान की है और ऐसे कर्मियों के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्यवाही शुरू की है।
अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि लगभग 8-10 कर्मियों को उनके खिलाफ चिकित्सा और कानूनी कार्यवाही पूरी करने के बाद हाल में उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है, जबकि बाकी के खिलाफ इसी तरह की कार्यवाही जारी है।
उन कर्मचारियों के खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है जिनकी पहचान कई वर्षों से शराब की ‘लगातार’ लत वाले कर्मियों के रूप में की गई है। उन्हें शराब पर निर्भरता के लक्षणों (एडीएस) वाले मामलों के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि ऐसे जवान अपनी खुद की सुरक्षा के साथ-साथ अपने सहयोगियों और यहां तक कि आम जनता की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन जाते हैं।
उन्होंने कहा कि शराब से वंचित किए जाने पर, ऐसे सैनिक चरम कदम उठा सकते हैं और चूंकि शिविर में हर एसएसबी इकाई के पास आग्नेयास्त्र उपलब्ध होते हैं, ऐसे में वे खुद को या अपने सहयोगियों को घातक या गैर-घातक रूप से चोट पहुंचा सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि एसएसबी के महानिदेशक संजय सिंघल ने हाल में बल की समीक्षा के दौरान इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया और आवश्यक चिकित्सा प्रक्रियाओं के बाद इन मामलों में समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया है।
उन्होंने बताया कि इस आवश्यक चिकित्सा प्रक्रिया में ऐसे कर्मियों की चिकित्सा श्रेणी को सबसे निचले स्तर पर रखा जाता है।
एक अधिकारी ने कहा कि ऐसे कर्मियों को निम्न चिकित्सा श्रेणी में डाल दिया जाता है और उन्हें अभियानगत कामों पर नहीं लगाया जाता है।
एसएसबी को नेपाल और भूटान की सीमाओं पर महत्वपूर्ण सुरक्षा कर्तव्यों के निर्वहन के लिए तैनात किया गया है, जहां उसका आम जनता के साथ संपर्क नियमित होता है।
अधिकारियों ने बताया कि अतः यह निर्णय लिया गया है कि ऐसे सैनिकों की सेवा समाप्त कर दी जाएं जो एडीएस से पीड़ित हैं और पिछले कुछ वर्षों से दिए जा रहे उपचार से उनमें कोई सुधार नहीं हो रहा है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की परिभाषा के अनुसार, शराब पर निर्भर व्यक्ति अपना पूरा दिन शराब प्राप्त करने, उसका सेवन करने और उसके प्रभावों का अनुभव करने के इर्द-गिर्द ही बिताने की योजना बनाता है।
उसने कहा कि शराब के दुरुपयोग से जुड़े नुकसान के बारे में जागरूक होने के बावजूद इसका लगातार सेवन करना शराब पर निर्भरता का एक और संकेत है।
एसएसबी में लगभग 90,000 कर्मी है और इस बल को नेपाल (1,751 किमी) और भूटान (699 किमी) के साथ बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा का जिम्मा सौंपा गया है। यह अर्धसैनिक बल गृह मंत्रालय के अंतर्गत है।
भाषा राजकुमार नरेश
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