सेंट जेवियर को लेकर टिप्पणी विवाद: हस्तक्षेप न करने पर मंत्री को बर्खास्त करने की कांग्रेस की मांग

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सेंट जेवियर को लेकर टिप्पणी विवाद: हस्तक्षेप न करने पर मंत्री को बर्खास्त करने की कांग्रेस की मांग

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  • Publish Date - April 20, 2026 / 09:57 PM IST,
    Updated On - April 20, 2026 / 09:57 PM IST

पणजी, 20 अप्रैल (भाषा) दक्षिणपंथी कार्यकर्ता गौतम खट्टर द्वारा गोवा के संरक्षक संत सेंट फ्रांसिस जेवियर के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर विवाद सोमवार को और बढ़ गया। इसे लेकर कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए और पुलिस थानों में कई शिकायतें दर्ज की गईं।

कांग्रेस ने विवादास्पद भाषण के दौरान शनिवार को खट्टर का ‘‘समर्थन’’ करने के लिए परिवहन मंत्री मौविन गोडिन्हो को बर्खास्त करने और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।

यह विवाद उस समय खड़ा हुआ जब शनिवार शाम एक कार्यक्रम में सनातन महासंघ के संस्थापक खट्टर के संबोधन वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। कार्यक्रम में स्वामी ब्रह्मेशानंद, राज्य के परिवहन मंत्री मौविन गोडिन्हो और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक -संकल्प अमोनकर और दाजी (कृष्ण) सालकर- भी उपस्थित थे।

धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में खट्टर के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज होने और कांग्रेस तथा आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं द्वारा उनकी गिरफ्तारी की मांग किए जाने के एक दिन बाद, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि बाहरी लोगों को राज्य के सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

विपक्षी कांग्रेस और कुछ गैर-सरकारी संगठनों ने सोमवार को पणजी और दक्षिण गोवा में प्रदर्शन किए।

गोवा और दमन के आर्चडायोसिस ने भी ‘घृणित और दुर्भावनापूर्ण’ टिप्पणियों की निंदा की तथा आरोप लगाया कि उक्त टिप्पणी का उद्देश्य सेंट फ्रांसिस जेवियर की विरासत को बदनाम करना था, जिन्हें लोकप्रिय रूप से ‘गोएनचो साहिब’ के नाम से जाना जाता है।

अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न पुलिस थानों में मामले दायर करने के अनुरोध वाली कम से कम छह शिकायतें दर्ज की गई हैं।

सावंत ने संवाददाताओं से कहा कि गोवा में कार्यक्रमों को संबोधित करने के लिए आने वाले वक्ताओं को राज्य के सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ना नहीं चाहिए।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के आयोजकों की जिम्मेदारी है कि वे वक्ताओं का उचित मार्गदर्शन करें।

मुख्यमंत्री ने यह भी माना कि कार्यक्रम में मौजूद मंत्री मौविन गोडिन्हो को खट्टर की आपत्तिजनक टिप्पणियों को रोकने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए था।

हालांकि, उन्होंने गोडिन्हो के हस्तक्षेप नहीं करने पर कहा, “कभी-कभी तत्काल प्रतिक्रिया देना संभव नहीं होता।”

इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) ने खट्टर की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि वह राज्य सरकार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों से ध्यान भटका रही है।

सोमवार को विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सुनील कावथंकर और अन्य सदस्यों के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने पणजी में पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार से मुलाकात की और खट्टर की गिरफ्तारी की मांग की।

अलेमाओ ने कहा, ‘‘डीजीपी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया है कि खट्टर को ढूंढने के लिए टीमें गठित की गई हैं।’’

उन्होंने कहा कि आरोपी द्वारा की गई टिप्पणियां ‘शर्मनाक हैं और शांतिपूर्ण गोवा में समुदायों को बांटने के उद्देश्य से की गई हैं।’

अलेमाओ ने मुख्यमंत्री से गोडिन्हो को बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि समारोह में खट्टर का भाषण समाप्त होने के बाद मंत्री ने खड़े होकर उनका समर्थन किया था। विपक्ष के नेता ने अपने दावे के समर्थन में समारोह का वीडियो भी चलाया।

उन्होंने कहा, ‘हमने डीजीपी से गोडिन्हो के खिलाफ राज्य में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की योजना का समर्थन करने के लिए अलग से प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया है।’

उन्होंने भाजपा पर गोवा को ‘सांप्रदायिक घृणा फैलाने के लिए एक प्रयोगशाला’ के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस विधायक अल्टोन डी’कोस्टा ने कहा कि गोडिन्हो को सेंट फ्रांसिस जेवियर के खिलाफ इस तरह के अपमानजनक बयान का समर्थन नहीं करना चाहिए था।

उन्होंने कहा, ‘गोडिन्हो जन्म से ईसाई हैं। यह दुखद है कि राजनीतिक लाभ के लिए उन्होंने ऐसा किया।’

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष कावथंकर ने अलेमाओ की मांगों का समर्थन किया।

संपर्क करने पर गोडिन्हो ने कहा कि वह खट्टर की टिप्पणियों की निंदा करते हैं। मंत्री ने कहा, “ऐसा बयान देने की कोई ज़रूरत नहीं थी, जिससे मतभेद पैदा हों। हम गोवा में शांतिपूर्वक रह रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और कानून को अपना काम करना चाहिए।’’

उन्होंने दावा किया कि शनिवार को मंच पर मौजूद लोगों ने खट्टर को दो बार रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने अपना भाषण जारी रखा। मंत्री ने स्पष्ट किया, “हमने उन्हें शारीरिक रूप से नहीं रोका, क्योंकि इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती थी।”

अब तक दर्ज छह शिकायतों में से दो रविवार को मारगाओ और वास्को पुलिस थानों में दर्ज की गईं। इसके बाद, विभिन्न संगठनों और व्यक्तियों द्वारा मारगाओ, अंजुना, ओल्ड गोवा और वास्को के पुलिस थानों में और शिकायतें दर्ज की गईं।

अमित पालेकर, सामिल वोल्वोइकर और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने सोमवार को ओल्ड गोवा के पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।

गोवा और दमन के आर्चडायोसिस ने कहा कि सेंट फ्रांसिस जेवियर को न केवल गोवा में, बल्कि दुनिया भर में लाखों लोग मानते हैं, और उनकी विरासत को बदनाम करने का कोई भी प्रयास अस्वीकार्य है।

आर्चडायोसिस ने कहा, ‘‘हम इन दुर्भावनापूर्ण बयानों को स्पष्ट रूप से अस्वीकार और निंदा करते हैं।’’ उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की बयानबाजी से लाखों गोवावासियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

बयान में कहा गया है कि इन टिप्पणियों ने कैथोलिकों की धार्मिक भावनाओं को गंभीर रूप से आहत किया है और चेतावनी दी है कि इस तरह की टिप्पणियां गोवा में लंबे समय से कायम सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ सकती हैं।

आर्चडायोसिस ने प्राधिकारियों से कथित घृणास्पद भाषण के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार ‘तत्काल, कड़ी और अनुकरणीय कार्रवाई’ करने का आग्रह किया।

भाषा अमित सुरेश

सुरेश