नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) भारत और चीन के बीच संबंधों में “सुधार” के साथ भारत में चीनी भाषा की शिक्षा लगातार बढ़ रही है। यह बात यहां चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने सोमवार को कही।
चीन के राजदूत शू फेइहोंग भारत में चीन के दूतावास द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में चीनी भाषा सीख रहे छात्रों और शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे।
चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने कहा, ‘2026 अंतरराष्ट्रीय चीनी भाषा दिवस संयुक्त रूप से मनाने के लिए चीनी दूतावास में आपका स्वागत है। इस वर्ष का विषय है ‘चाइनीज: स्पार्किग कलरफुल ड्रीम्स’ है।’
राजदूत ने कहा कि चीनी भाषा को एक सेतु की तरह इस्तेमाल करते हुए लोगों को “पहाड़ों और समुद्रों से आगे बढ़कर” चीन की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझना चाहिए और भारत-चीन संबंधों की एक रंगीन तस्वीर बनानी चाहिए।
दूतावास ने इस अवसर पर दिए गए उनके भाषण का पाठ साझा किया।
राजदूत ने कहा, ‘‘पदभार ग्रहण करने के बाद पिछले दो वर्षों में, मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के साथ-साथ भारत में चीनी भाषा की शिक्षा का भी निरंतर विकास हो रहा है।’’
उन्होंने कहा कि वर्तमान में, 30 से अधिक भारतीय विश्वविद्यालय चीनी भाषा के पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं, और काफी संख्या में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय भी अपने पाठ्यक्रम में चीनी भाषा को शामिल कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चीनी भाषा आज भी उपयोग में आने वाली विश्व की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक है, जो 5,000 वर्षों की सभ्यता के बारे में विशाल जानकारी रखती है।
चीनी भाषा मात्र एक भाषा नहीं है, बल्कि ‘‘चीन को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम’’ भी है।
भाषा अमित रंजन
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