जयपुर, आठ अगस्त (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में कमजोर मानसून पर चिंता जताते हुए सरकार से वैकल्पिक जल प्रबंधन, चारे, रोजगार और आपातकालीन इंतजाम की तैयारी करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि अगर हालात में सुधार नहीं हुआ तो राज्य में पेयजल और सिंचाई का संकट गहरा सकता है।
गहलोत ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि राजस्थान में कमजोर मानसून की स्थिति अब चिंताजनक हो गई है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य के 693 बांधों में से 246 पूरी तरह सूख चुके हैं जबकि केवल 15 बांध ही पूरी तरह भर पाए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जयपुर और अजमेर समेत चार जिलों की करीब 1.16 करोड़ आबादी की पेयजल जरूरतें पूरी करने वाले बीसलपुर बांध में इस बार एक इंच भी पानी नहीं आया है।
गहलोत के अनुसार, 31 जुलाई तक राज्य में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है और 23 जिलों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं।
उन्होंने कहा कि मौसम विभाग ने अगस्त और सितंबर में भी राहत के संकेत नहीं दिए हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘ऐसे संकट में सरकार को अभी से वैकल्पिक जल प्रबंधन, चारे, रोजगार और आपातकालीन इंतजामों की ठोस तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि अगर आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो पेयजल और सिंचाई का संकट विकराल रूप ले सकता है।
गहलोत ने कहा कि इससे फसलों की पैदावार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिसके लिए सरकार को अभी से आवश्यक तैयारियां करनी चाहिए।
उन्होंने लोहावट कस्बे के जंभेश्वर नगर में भंवरी देवी विश्नोई की धारदार हथियार से हत्या और उनकी दो बेटियों पर हमले के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘11 दिन बाद भी हत्यारोपियों का पकड़ से बाहर होना गंभीर सवाल खड़ा करता है। क्या पुलिस प्रशासन नाकाम है या आरोपियों को कोई राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है?’’
भाषा पृथ्वी जितेंद्र
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