(तस्वीरों के साथ)
मुंबई, आठ अगस्त (भाषा) शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने वाले अपने पार्टी के सांसदों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संवाद को लेकर शनिवार को उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री “गद्दारों” से मुलाकात के लिए तो समय निकाल लेते हैं, लेकिन विरोध-प्रदर्शन करने वाले युवाओं को नजरअंदाज करते हैं।
मोदी ने शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के गठक दलों के सांसदों के साथ नाश्ते पर बैठक की। इसके बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री शिंदे और उनकी पार्टी के छह नये सांसद प्रधानमंत्री से मिले।
उद्धव ने मुंबई में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सवाल उठाया कि क्या मोदी और शिवसेना (उबाठा) छोड़ने वाले छह सांसदों के बीच हुई मुलाकात उच्चतम न्यायालय को “डराने” की कोशिश थी।
उन्होंने कहा कि यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब शीर्ष अदालत में शिवसेना (उबाठा) की उन याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है, जिनमें शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को “असली शिवसेना” का दर्जा देने के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती दी गई है।
उद्धव ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला संविधान पर आधारित होगा।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के पास युवाओं से मिलने का समय नहीं है, लेकिन वे गद्दारों से मुलाकात करते हैं। गद्दारों को भरोसा दिलाया जा रहा है कि प्रधानमंत्री उनका समर्थन कर रहे हैं। क्या आप उच्चतम न्यायालय को डराने की कोशिश कर रहे हैं?”
प्रधानमंत्री और सांसदों के बीच मुलाकात का जिक्र करते हुए उद्धव ने पूछा कि जब मामला शीर्ष अदालत में विचाराधीन है, तो “गद्दारों” के साथ बातचीत की क्या वजह हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा शीर्ष अदालत के सामने उठाया जाएगा।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की याचिका में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें छह सांसदों के शिंदे नीत शिवसेना में शामिल होने को मान्यता दी गई थी।
उद्धव ने सवाल किया, “क्या प्रधानमंत्री न्यायपालिका को, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को या महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को धमका रहे हैं?”
उन्होंने देश के मौजूदा हालात को “तू्फान से पहले की शांति” करार दिया और कहा कि ‘जेन जेड’ के विरोध-प्रदर्शनों ने सरकार को हिलाकर रख दिया है।
उद्धव ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संसद चलो मार्च के दौरान पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा, “दुनिया इस बात पर चर्चा कर रही है कि कैसे ‘जेन जेड’ ने सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। इस पीढ़ी का समर्थन करने के बजाय कुछ (प्रदर्शनकारियों) के साथ बेरहमी से मारपीट की गई।”
उन्होंने कहा कि अब सरकार को बदलने का समय आ गया है।
उद्धव ने तंज कसते हुए कहा कि भले ही कोविड-19 महामारी के दौरान ‘फेसबुक लाइव’ सत्र करने के लिए उनकी आलोचना हुई हो, लेकिन हालात इतने खराब हैं कि प्रधानमंत्री मोदी इंस्टाग्राम के जरिये सरकार चला रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, “प्रधानमंत्री देश के भविष्य से मिलना नहीं चाहते।”
‘जेन जेड’ के साथ बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संवाद का जिक्र करते हुए उद्धव ने कहा कि युवा आरएसएस प्रमुख की बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार को विरोध कर रहे छात्रों के साथ बातचीत करनी चाहिए।
झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नीत सरकार ने कथित प्रश्नपत्र लीक को लेकर शनिवार को देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले प्रदर्शनकारी गुट के साथ बातचीत की। हालांकि, इससे गतिरोध खत्म नहीं हो सका, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने अपनी सभी मांगें माने जाने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया।
भाषा पारुल पवनेश
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