राज्य अनिवार्य रूप से ‘पोश’ संबंधी ऑडिट करें, निगरानी प्रकोष्ठ बनाएं : एनसीडब्ल्यू

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राज्य अनिवार्य रूप से ‘पोश’ संबंधी ऑडिट करें, निगरानी प्रकोष्ठ बनाएं : एनसीडब्ल्यू

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  • Publish Date - June 19, 2026 / 06:42 PM IST,
    Updated On - June 19, 2026 / 06:42 PM IST

नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने शुक्रवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को परामर्श जारी कर हर साल अनिवार्य पोश ऑडिट करने और कार्यस्थल पर सुरक्षा को मज़बूत करने की सिफारिश की है।

इसके अलावा इस परामर्श में ‘कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013’ के तहत जारी दिशानिर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कहा गया है।

यह परामर्श सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को भेजा गया है। साथ ही, इसकी प्रति जमीनी स्तर पर इसे लागू करने और जवाबदेही तय करने के लिए देश भर के जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों को भी भेजी गई है।

एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा, ‘‘किसी भी महिला को अपनी गरिमा और अपनी आजीविका में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। हर कार्यस्थल सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर वाली जगह होनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम (पोश) संबंधी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करना सिर्फ एक कानूनी ज़िम्मेदारी नहीं है, बल्कि महिलाओं के सशक्तीकरण और राष्ट्र-निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक सामूहिक ज़िम्मेदारी भी है।’’

आयोग ने एक बयान में कहा कि इस परामर्श जारी करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक कार्यस्थल पर चाहे वह सरकारी, निजी, संगठित या असंगठित क्षेत्र का क्यों न हो, पोश अधिनियम के नियमों का सख्ती से पालन किया जाए और महिलाओं के लिए सुरक्षित, समावेशी और लैगिंक संवेदनशीलता का माहौल बनाए।

भाषा धीरज संतोष

संतोष