बेंगलुरु, सात मार्च (भाषा) कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार ने साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, जिनमें विशेष इकाइयों की स्थापना और पूरे राज्य में साइबर पुलिस के बुनियादी ढांचे का विस्तार करना शामिल है।
राज्य के गृह मंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, परमेश्वर ने अपराध जांच विभाग (सीबीआई) और साइबर अपराध जांच प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा आयोजित तीसरे वार्षिक साइबर अपराध जांच शिखर सम्मेलन ‘साइडकोड’ का उद्घाटन करने के बाद यह बात कही।
उन्होंने कहा, ‘‘कर्नाटक सिर्फ एक राज्य नहीं है; यह एक वैश्विक ब्रांड है। जब दुनिया बेंगलुरु की ओर देखती है, तो उसे नवाचार का भविष्य नजर आता है। हमारे पास एक मजबूत और अत्यधिक सुरक्षित डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र है।’’
मंत्री ने कहा कि सरकार ने साइबर हमलों की जांच करने और डिजिटल साक्ष्य जुटाने के लिए उन्नत कौशल, प्रशिक्षण और प्रौद्योगिकी से लैस विशेष साइबर अपराध इकाइयां स्थापित की हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों और प्रमुख शहरों में 43 साइबर, आर्थिक और मादक पदार्थ (सीईएन) पुलिस थाने स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार अपने नागरिकों की साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’
परमेश्वर ने कहा कि राज्य ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा अनुपालन और जोखिम प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाली कंपनियों के साथ काम करके साइबर सुरक्षा नवाचार के लिए एक सहायक पारिस्थितिकी तंत्र बनाया है।
इस अवसर पर राज्य के पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक एम ए सलीम, साइबर कमांड के डीजीपी प्रणव मोहंती, इंफोसिस फाउंडेशन के ट्रस्टी सुनील कुमार धारेश्वर और डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के सीईओ विनायक गोडसे सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
भाषा तान्या सुरेश
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