देश और समाज के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर छात्र भी प्रगति करेंगे: राष्ट्रपति मुर्मू

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देश और समाज के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर छात्र भी प्रगति करेंगे: राष्ट्रपति मुर्मू

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  • Publish Date - September 23, 2026 / 01:41 PM IST,
    Updated On - September 23, 2026 / 01:41 PM IST

वडोदरा, 23 सितंबर (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को छात्रों से अपने कार्यक्षेत्र में देश और समाज के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसा करने से वे देश और समाज के साथ स्वयं भी प्रगति करेंगे।

यहां महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय बड़ौदा के 75वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा कि शिक्षा तभी वास्तव में सार्थक होगी, जब उससे देश और समाज को लाभ पहुंचे।

उन्होंने कहा कि छात्रों को केवल अपने और अपने परिवार के लिए शिक्षा का उपयोग करने से आगे बढ़कर यह विचार करना चाहिए कि वे व्यापक जनहित में किस तरह योगदान दे सकते हैं।

मुर्मू ने कहा, ‘‘यदि छात्र अपने कार्यक्षेत्र में देश और समाज के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे, तो देश और समाज के साथ-साथ वे स्वयं भी प्रगति करेंगे।’’

उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रगति से उन्हें अपार संतोष मिलेगा और वे अपनी शिक्षा की सार्थकता को समझ सकेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप इंजीनियर बन रहे हैं, तो ऐसी तकनीक विकसित करें जो लोगों के जीवन को बेहतर बनाए। यदि आप डॉक्टर बन रहे हैं, तो चिकित्सा को केवल एक पेशा न समझें, बल्कि इसे सेवा के रूप में देखें।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सेवा में मानवता और शांति निहित है और इससे संतोष मिलता है। जीवन जीने के लिए संसाधन जरूरी हैं, लेकिन धन ही सब कुछ नहीं है; सच्चा संतोष दूसरों की सेवा करने से मिलता है।’’

राष्ट्रपति ने कहा कि वैज्ञानिकों को मानवता के हित में समस्याओं के समाधान पर काम करना चाहिए, जबकि कलाकारों और लेखकों को अपनी कला और रचनाओं के माध्यम से समाज की संवेदनशीलता को बढ़ाना चाहिए।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा