देश के पहले निजी रॉकेट ‘विक्रम-1’ की सफलता ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ताकत का प्रमाण : प्रधानमंत्री मोदी
देश के पहले निजी रॉकेट 'विक्रम-1' की सफलता ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ताकत का प्रमाण : प्रधानमंत्री मोदी
(फोटो के साथ)
श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश), 18 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को देश के पहले निजी कक्षीय रॉकेट ‘विक्रम-1’ के सफल प्रक्षेपण की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत के आत्मनिर्भरता अभियान की सफलता का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री ने ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पवन कुमार चांदना और सह-संस्थापक नागा भरत डाका से फोन पर बात कर शनिवार को हासिल इस उपलब्धि के लिए उन्हें और उनकी कंपनी को बधाई दी।
‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ के दोनों वरिष्ठ अधिकारी प्रक्षेपण के समय भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मिशन नियंत्रण केंद्र (एमसीसी) में मौजूद थे।
मोदी ने उन्हें अपनी ‘हार्दिक शुभकामनाएं’ देते हुए कहा कि उनका आज का ‘मिशन आगमन’ आगे भी इसी तरह सफलता के साथ आगे बढ़ता रहे।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मिशन साबित करता है कि हम आत्मनिर्भर बन सकते हैं।’’
इस पर चांदना ने प्रधानमंत्री को बताया कि रॉकेट को पूरी तरह भारत में ही डिजाइन किया गया है और यहीं इसका निर्माण किया गया है।
चांदना ने प्रधानमंत्री के उस पोस्टकार्ड का भी उल्लेख किया, जिस पर ‘‘वंदे मातरम्’’ का संदेश अंकित था और उसे प्रक्षेपण यान 450 किलोमीटर दूर स्थिति पृथ्वी की निचली कक्षा तक लेकर गया।
उन्होंने कहा, ‘‘आपका पोस्टकार्ड सफलतापूर्वक कक्षा में पहुंच गया है। ‘वंदे मातरम्’ अब पृथ्वी की कक्षा में है।’’
भाषा रवि कांत रवि कांत वैभव
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