सल्फर डाइऑक्साइड का उत्सर्जन सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक : रमेश

सल्फर डाइऑक्साइड का उत्सर्जन सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक : रमेश

सल्फर डाइऑक्साइड का उत्सर्जन सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक : रमेश
Modified Date: November 1, 2024 / 03:37 pm IST
Published Date: November 1, 2024 3:37 pm IST

नयी दिल्ली, एक नवंबर (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने भारत विश्व में सल्फर डाइऑक्साइड का सबसे बड़ा उत्सर्जक है तथा यह तर्क देना हास्यास्पद है कि कि सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जन का सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए कोई चिंता नहीं है।

रमेश की यह टिप्पणी उस मीडिया रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें दावा किया गया था कि नीति आयोग ने कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में सल्फर उत्सर्जन में कटौती के लिए उपकरणों की फिटिंग को रोकने का प्रस्ताव दिया था।

नीति आयोग की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘भारत विश्व में सल्फर डाइऑक्साइड का सबसे बड़ा उत्सर्जक है। बिजली संयंत्रों से निकलने वाला ये उत्सर्जन वायु प्रदूषण में महत्वपूर्ण कारक है।’’

उन्होंने कहा कि पहले यह निर्णय किया गया था कि बिजली संयंत्रों को फ्लोराइड गैस ‘डिसल्फराइजर’ लगाना होगा। पहले 2017 की समयसीमा तय की गई थी। बाद में इसे 2026 तक बढ़ा दिया गया। अब ऐसा प्रतीत होता है कि सर्वज्ञ नीति आयोग समय सीमा को पूरी तरह खत्म करना चाहता है।’’

रमेश का कहना है कि यह तर्क देना हास्यास्पद है कि सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जन का भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए कोई चिंता नहीं है, खासकर ऐसे समय में जब प्रदूषण के परिणाम भारत के शहरों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

भाषा हक हक

रंजन


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