देश में तीन तलाक खत्म, तीन तलाक असंवैधानिक: सुप्रीम कोर्ट
देश में तीन तलाक खत्म, तीन तलाक असंवैधानिक: सुप्रीम कोर्ट
आज से हमारे देश में तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित कर दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला उस मरहम की तरह है जो किसी दर्द से तड़पते मरीज के जख्म पर रखा जाता है. ये दर्द उन मुस्लिम महिलाओं का है जिन्होंने तीन तलाक का दंश न सिर्फ झेला है बल्कि इससे लाखों जिंदगियां भी बर्बाद हुई. अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तीन तलाक की गेंद सरकार के पाले में है. जिस पर कानून बनाने के लिए 6 महीने का वक्त मिला है.
मुस्लिम महिलाओं को अब तीन तलाक की जंजीरों से आजादी मिली है. सुप्रीम कोर्ट में गठित पांच जजों की बेंच ने इस पर आज फैसले की मुहर लगा दी. पांच में से 3 जजों ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया, जबकि 2 जज इसके पक्ष में थे. लेकिन 3 जजों के फैसले के कारण तीन तलाक को असंवैधानिक करार देते हुए इसे खत्म कर दिया गया है.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक पार्टियों ने भी इसका स्वागत किया है..कांग्रेस ने जहां तीन तलाक को इस्लाम विरोधी करार दिया वहीं बीजेपी के मुताबिक मुस्लिम महिलाओं के लिए ये फैसला नया अध्याय लिखेगा. वहीं मुस्लिम महिलाओं के लिए ये किसी जश्न से कम नहीं.
सुप्रीम कोर्ट में 11 से 18 मई तक तीन तलाक के मसले पर मैराथन सुनवाई हुई थी। अब तीन तलाक पर आए फैसले पर तमाम धर्मगुरुओं, वकीलों- नेताओं और वुमन एक्टिविस्ट ने खुशी जताई है। फैसला आने के बाद जगह-जगह लोग जश्न भी मना रहे हैं।
कोर्ट के फैसले से देश भर मे मुस्लिम महिलाओं में जश्न का माहौल है. कहीं मिठाईयां बांटी गई.तो कहीं ढोल ताशों के साथ महिलाएं थिरकीं. मुस्लिम महिलाओं में इस फैसले को अपनी जिंदगी से जुड़ा हुआ भी माना है. क्योंकि इन महिलाओं के लिए तीन तलाक वो शाप था जिससे मुक्ति मिलनी जरूरी थी.

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