चीनी वीजा मामले में कार्ति चिदंबरम के खिलाफ सबूत दर्ज करने की प्रक्रिया टालने का अदालत का निर्देश
चीनी वीजा मामले में कार्ति चिदंबरम के खिलाफ सबूत दर्ज करने की प्रक्रिया टालने का अदालत का निर्देश
नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित चीनी वीजा घोटाला मामले में बृहस्पतिवार को अधीनस्थ अदालत को गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया आठ अक्टूबर तक टालने का निर्देश दिया। इस मामले में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोपों में मुकदमे का सामना कर रहे हैं।
न्यायमूर्ति मनोज जैन ने सुनवाई अदालत को निर्देश दिया कि आठ अक्टूबर तक गवाहों के बयान दर्ज न किए जाएं।
न्यायमूर्ति जैन ने कहा, “यह उचित होगा कि अदालत मामले में साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया अगली सुनवाई (उच्च न्यायालय के समक्ष) तक स्थगित कर दे।”
उच्च न्यायालय को बताया गया कि मामले की सुनवाई शुक्रवार को निचली अदालत में सूचीबद्ध है।
उच्च न्यायालय ने यह आदेश केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), कार्ति चिदंबरम और अन्य आरोपियों की ओर से दायर उन याचिकाओं पर दिया, जिनमें मामले में आरोप तय किए जाने को चुनौती दी गई है।
कार्ति चिदंबरम और अन्य आरोपियों ने भ्रष्टाचार और साजिश के आरोप तय किए जाने को यह कहते हुए चुनौती दी है कि उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। वहीं, सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ कुछ अतिरिक्त आरोप तय करने की मांग की है।
सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील ने दलील दी कि मामले की सुनवाई जारी रखने की अनुमति दी जानी चाहिए और जांच एजेंसी को कुछ औपचारिक गवाहों के बयान दर्ज करने दिए जाने चाहिए, जो बुजुर्ग हैं और मामले के लिए अहम हैं।
वहीं, कार्ति चिदंबरम की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने उच्च न्यायालय से आग्रह किया कि उनकी याचिकाओं पर सुनवाई होने तक मामले की सुनवाई पर रोक लगाई जाए।
इससे पहले उच्च न्यायालय ने पहले ही नोटिस जारी कर अधीनस्थ अदालत के आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देने वाली कार्ति चिदंबरम की याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा था।
भाषा
शुभम प्रशांत
प्रशांत

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