उच्चतम न्यायालय ने कर्नाटक सरकार को 30 जून तक बेंगलुरु नगर निकाय चुनाव कराने के दिए निर्देश

उच्चतम न्यायालय ने कर्नाटक सरकार को 30 जून तक बेंगलुरु नगर निकाय चुनाव कराने के दिए निर्देश

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  • Publish Date - January 12, 2026 / 10:30 PM IST,
    Updated On - January 12, 2026 / 10:30 PM IST

नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कर्नाटक सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को बेंगलुरु स्थानीय निकाय चुनावों को 30 जून तक कराने का निर्देश दिया।

बृहत् बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के इससे पहले निर्वाचित निकाय का कार्यकाल 10 सितंबर 2020 को समाप्त हो गया था और तब से सरकार द्वारा नियुक्त एक प्रशासक पर इसकी देखरेख का जिम्मा है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी की पीठ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वार्ड-वार आरक्षण की अंतिम सूची 20 फरवरी तक प्रकाशित की जाएगी और यह स्पष्ट कर दिया कि आगे कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा।

पीष्ठ ने चुनाव प्रक्रिया का कार्यक्रम तय किया है।

यह आदेश कर्नाटक सरकार की याचिका पर दिया गया है। उच्च न्यायालय ने दिसंबर 2020 में राज्य निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची को अंतिम रूप देने के बाद बीबीएमपी चुनाव शीघ्र कराने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद राज्य सरकार ने उस आदेश को चुनौती दी थी।

उच्चतम न्यायालय, ग्रेटर बेंगलुरु एरिया (जीबीए) के अंतर्गत बीबीएमपी और नवगठित नगर निगमों के चुनावों के संबंध में अपने पूर्व आदेशों के अनुपालन की निगरानी कर रहा है।

सुनवाई के दौरान, कर्नाटक सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने बताया कि वार्ड-वार आरक्षण को अंतिम रूप देने और अधिसूचित करने की प्रक्रिया की जा रही है तथा यह एक महीने के भीतर पूरी हो जाएगी।

पीठ ने बयान को रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया और आरक्षणों की सूची प्रकाशित करने की अंतिम समय सीमा 20 फरवरी तय कर दी।

राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता के.एन. फणींद्र ने अदालत को बताया कि बोर्ड और कॉलेज परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 16 मार्च तय की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षण संस्थानों को मतदान केंद्रों के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा और शिक्षकों को चुनाव संबंधी कार्यों में लगाया जाएगा।

पीठ ने आदेश दिया, ‘‘सभी परिस्थितियों में चुनाव 30 जून 2026 से पहले संपन्न किए जाने चाहिए।’’

भाषा यासिर दिलीप

दिलीप