India-Germany Deal/Image Source: Narendra Modi
India-Germany Deal: आज गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की मुलाकात चर्चा में रही। यह मर्ज की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है। दोनों देशों के रिश्ते करीब 75 साल पुराने हैं। यह मुलाकात इसलिए भी खास थी क्योंकि अमेरिका की टैरिफ धमकियों और व्यापारिक मुश्किलों के बीच भारत नई साझेदारियों और रणनीति की तलाश कर रहा है। आइए, इस रिपोर्ट में जानते हैं कि यह मुलाकात क्यों अहम थी और भारत को इससे क्या फायदे मिल सकते हैं।
India-Germany Deal: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ अहमदाबाद में प्रधानमंत्री मोदी की यह मुलाकात कई मायनों में महत्वपूर्ण है। एक ओर अमेरिका की 500% तक टैरिफ की धमकियां, तो दूसरी ओर भारत ऐसे समय में अपनी पुरानी और भरोसेमंद साझेदारियों को मजबूत कर रहा है। इस कड़ी में चांसलर मर्ज की यह भारत की पहली आधिकारिक यात्रा, भारत-जर्मनी के 75 साल के राजनयिक संबंधों और 25 साल की रणनीतिक साझेदारी के जश्न के बीच एक मजबूत संदेश देती है।
India-Germany Deal: सोमवार सुबह, प्रधानमंत्री मोदी ने चांसलर मर्ज का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेता साबरमती आश्रम पहुंचे और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए। इसके बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे और अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 का उद्घाटन किया।पीएम मोदी और चांसलर मर्ज ने मिलकर रंग-बिरंगी पतंगें उड़ाईं, जिनमें भगवान हनुमान वाली पतंग और भारत-जर्मनी के झंडों वाली पतंगें शामिल थीं। यह पल न सिर्फ उत्सव का था, बल्कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की विविध और मजबूत साझेदारियों का संकेत भी था।
India-Germany Deal: अमेरिका की रूस से तेल खरीद पर 50% टैरिफ और 500% तक की धमकियों से भारतीय निर्यात, खासकर टेक्सटाइल और ज्वेलरी सेक्टर, प्रभावित हुआ है। ऐसे में जर्मनी के साथ मजबूत संबंध और भी अहम हो गए हैं। जर्मनी भारत का 9वां सबसे बड़ा निवेशक है। मुलाकात के दौरान कई MoUs पर हस्ताक्षर किए गए, जो शिक्षा, व्यापार, रक्षा और हरित ऊर्जा में सहयोग को नई गति देंगे। यह कदम भारत के लिए मजबूत आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी का संकेत है।