Bhopal Water Crisis/Image Source: Jitu Patwari
भोपाल: Bhopal Water Crisis: मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को राजधानी भोपाल में पेयजल संकट को लेकर बड़ा हमला बोला। उन्होंने मंत्री विश्वास सारंग के विधानसभा क्षेत्र में वॉटर ऑडिट करते हुए सरकार को खुली चुनौती दी। पटवारी ने आरोप लगाया कि भोपाल में नलों से कीड़े युक्त, बदबूदार और दूषित पानी आ रहा है, यहां तक कि पीने के पानी में मरे हुए चूहे तक मिलने की घटनाएं सामने आई हैं।
Bhopal Water Crisis: जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि 23 मौतों के बाद भी आपकी सरकार कुंभकर्णीय नींद में सो रही है। जो काम सरकार को करना चाहिए, वह आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं को करना पड़ रहा है। जागो मोहन, जागो। कांग्रेस ने राजधानी में गंदे पानी का रियलिटी टेस्ट किया। PCC चीफ जीतू पटवारी ने पहले वार्ड क्रमांक 25 (बाणगंगा) का निरीक्षण किया, जहां नलों से दूषित और कीड़े युक्त पानी निकलता पाया गया। इसके बाद उन्होंने नरेला विधानसभा के वार्ड क्रमांक 75, 76, 77, 78 और 79 (नवाब कॉलोनी) सहित अन्य इलाकों का दौरा किया। यहां भी स्थिति बेहद गंभीर पाई गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि वे लंबे समय से गंदे पानी की शिकायत नगर निगम और प्रशासन से कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
Bhopal Water Crisis: निरीक्षण के दौरान जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सीवर लाइन के समानांतर पेयजल पाइपलाइन बिछाई गई है, जिसके कारण सीवेज मिश्रित पानी घरों तक पहुंच रहा है। यह सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। PCC चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार का संवैधानिक दायित्व है, लेकिन भोपाल नगर निगम और प्रदेश की भाजपा सरकार इस गंभीर जनस्वास्थ्य संकट पर पूरी तरह उदासीन है। कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने ऐलान किया कि अब पूरे मध्यप्रदेश के हर वार्ड में वॉटर ऑडिट किया जाएगा और जब तक प्रदेशवासियों को शुद्ध पेयजल नहीं मिलेगा तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।