उच्चतम न्यायालय ने यौन उत्पीड़न मामले में सॉफ्टवेयर फर्म के मालिक को अग्रिम जमानत दी

उच्चतम न्यायालय ने यौन उत्पीड़न मामले में सॉफ्टवेयर फर्म के मालिक को अग्रिम जमानत दी

उच्चतम न्यायालय ने यौन उत्पीड़न मामले में सॉफ्टवेयर फर्म के मालिक को अग्रिम जमानत दी
Modified Date: April 16, 2026 / 10:38 pm IST
Published Date: April 16, 2026 10:38 pm IST

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को एक सॉफ्टवेयर फर्म के मालिक को अग्रिम जमानत दे दी, जिस पर एक महिला कर्मचारी का यौन उत्पीड़न करने और उसे और उसके पति को एक आपराधिक मामले में फंसाने की कोशिश करने का आरोप है।

न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कोच्चि स्थित सॉफ्टवेयर कंपनी का संचालन करने वाले कक्कनाड निवासी वेणु गोपालकृष्णन (50) को जांच में पूर्ण सहयोग देने का निर्देश दिया।

पीठ ने कहा, ‘‘मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, हमारी राय में, आरोपी/अपीलकर्ता बीएनएसएस की धारा 482 के तहत दावा की गई राहत का हकदार है। इसलिए, हम इस अपील को स्वीकार करते हैं और अपीलकर्ता के संबंध में उच्च न्यायालय द्वारा 11 सितंबर, 2025 को पारित आदेश को रद्द करते हैं।’’

पीठ ने कहा, ‘‘हम निर्देश देते हैं कि अपीलकर्ता की गिरफ्तारी की स्थिति में, गिरफ्तार करने वाला अधिकारी अपीलकर्ता को एक लाख रुपये के जमानती बॉण्ड और इतनी ही राशि के दो मुचलके पेश करने की शर्त पर जमानत पर रिहा करेगा।’’

उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया कि गोपालकृष्णन अपनी स्वतंत्रता का दुरुपयोग न करें और किसी भी तरह से गवाहों को प्रभावित न करें या रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री के साथ छेड़छाड़ न करें।

केरल उच्च न्यायालय ने पिछले साल 11 सितंबर को गोपालकृष्णन द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया था।

यह मामला गत वर्ष जुलाई का है, जब पीड़िता और उसके पति को ‘हनी-ट्रैप’ मामले में फंसाने की कोशिश के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जमानत मिलने के बाद पीड़िता ने अदालत का रुख किया और दावा किया कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया है।

इसके बाद अदालत ने पुलिस को मामले की जांच करने का निर्देश दिया, जिसके बाद पिछले महीने गोपालकृष्णन और उनके तीन कर्मचारियों, जैकब थम्पी, एबि पॉल और बिमलराज हरिदास के खिलाफ यौन उत्पीड़न, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और आपराधिक धमकी के आरोप में एक नया मामला दर्ज किया गया।

अपने आदेश में, उच्च न्यायालय ने कहा था कि गोपालकृष्णन ने एक गंभीर अपराध किया है और इस आशंका पर ध्यान दिया था कि उसने सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने या गवाहों को प्रभावित करने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया होगा।

भाषा देवेंद्र सुरेश

सुरेश


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