सुप्रीम कोर्ट से साई बाबा को लगा तगड़ा झटका, इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को ठुकराया, दोषी करार

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Supreme Court On Sai Baba: सुप्रीम कोर्ट ने नक्सलियों से संबंध होने के मामले में साई बाबा की रिहाई पर रोक लगा दी है।

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  • Publish Date - October 15, 2022 / 09:30 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:22 PM IST

Supreme court

Supreme Court On Sai Baba: नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट से बड़ी खबर सामने आ रही है। नक्सली संगठनों से संबंध होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जीएन साईबाबा की रिहाई पर रोक लगा दी है। साई बाबा को बॉम्बे हाईकोर्ट ने जेल से रिहा करने का फैसला सुनाया था जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित कर दिया है। जानकारी के मुताबिक कोर्ट ने हाउस अरेस्ट रखने की मांग को भी ठुकरा दिया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला हुआ निलंबित

शुक्रवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने यूएपीए के तहत कार्रवाई के लिए सैंक्शनिंग अथॉरिटी से अनुमति नहीं लेने के चलते निचली अदालत से साईबाबा को दोषी ठहराए जाने के फैसले को रद्द कर दिया था। इसके खिलाफ महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की अर्जी पर साईबाबा को नोटिस भी जारी किया।

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साई बाबा के खिलाफ ये है आरोप

शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में अवकाश होने के बावजूद महाराष्ट्र सरकार की अर्जी पर सुनवाई के लिए स्पेशल बेंच बैठी। जस्टिस एमआर शाह की अध्यक्षता वाली बेंच ने करीब दो घण्टे तक सुनवाई के बाद कहा कि कि हाईकोर्ट ने इस मामले में केस के तथ्यों पर विचार नहीं किया, हाईकोर्ट का फैसला पूरी तरह तकनीकी बिंदुओं पर है, सिर्फ UAPA के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी न होने के चलते हाईकोर्ट ने बरी करने का फैसला दे दिया। जबकि इस मामले में आरोप बेहद संगीन है। ये मामला देश की अखंडता और सम्प्रभुता से जुड़ा है और निचली अदालत ने तमाम सबूतों / तथ्यों को देखते हुए दोषी ठहराए जाने का फैसला दिया था।

हाउस अरेस्ट की मांग भी ठुकराई

जेल के बजाए हाउस अरेस्ट रखने की साईबाबा की मांग भी सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दी। उनके वकील आर बसंत ने दलील दी कि साईबाबा 90 फीसदी विकलांग हैं। वो सिर्फ व्हील चेयर तक सीमित हैं। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने इस मांग का विरोध किया। मेहता ने कहा कि अर्बन नक्सलियों के बीच ये ट्रेंड बन गया है कि वो कोर्ट से हाउस अरेस्ट की मांग करते हैं। आज की तारीख में घर बैठे, फोन के जरिये सब कुछ किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने साईबाबा को हाउस अरेस्ट रखने की उनके वकील की मांग को ठुकरा दिया। कोर्ट ने कहा कि वो जमानत के लिए अर्जी लगा सकते है।

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