डाटा संरक्षण कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर न्यायालय ने केंद्र से मांगा जवाब

डाटा संरक्षण कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर न्यायालय ने केंद्र से मांगा जवाब

डाटा संरक्षण कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर न्यायालय ने केंद्र से मांगा जवाब
Modified Date: March 12, 2026 / 08:50 pm IST
Published Date: March 12, 2026 8:50 pm IST

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने डिजिटल व्यक्तिगत डाटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के कई प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार से जवाब मांगा।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताते हुए केंद्र को नोटिस जारी किया।

पीठ ने इसी मुद्दे पर लंबित एक अन्य याचिका के साथ इस याचिका को संबद्ध करते हुए कहा, “नोटिस जारी किया जाता है, जिसका जवाब 23 मार्च तक देना होगा।”

याचिका में केंद्र सरकार को यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है कि वह डिजिटल व्यक्तिगत डाटा संरक्षण अधिनियम, 2023 और डिजिटल व्यक्तिगत डाटा संरक्षण नियम, 2025 के तहत पत्रकारिता, संपादकीय, खोजी तथा जनहित से जुड़ी कवरेज के लिए व्यक्तिगत डाटा के प्रसंस्करण को लेकर एक स्पष्ट और सीमित एवं उचित छूट का प्रावधान शामिल करे और उसे अधिसूचित करे।

इसमें पत्रकारों के स्रोतों की सुरक्षा का प्रावधान भी शामिल करने का अनुरोध किया गया है।

भाषा खारी सुरेश

सुरेश


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