सुरेश गोपी ने हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की, कहा : एक-दूसरे पर दोषारोपण बंद हो

सुरेश गोपी ने हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की, कहा : एक-दूसरे पर दोषारोपण बंद हो

सुरेश गोपी ने हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की, कहा : एक-दूसरे पर दोषारोपण बंद हो
Modified Date: September 6, 2026 / 05:56 pm IST
Published Date: September 6, 2026 5:56 pm IST

त्रिशूर (केरलम), छह सितंबर (भाषा) पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने रविवार को कहा कि कैपामंगलम जैसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाने चाहिए तथा एक-दूसरे पर दोष मढ़ने से कोई फायदा नहीं होगा।

शुक्रवार देर रात डिंडिगुल जिले के एक अभियांत्रिकी महाविद्यालय के विद्यार्थियों समेत आठ लोगों को ले जा रही एक कार कैपामंगलम के पनम्बिक्कुन्नु में राजमार्ग पर खड़ी एक लॉरी (मालवाहक वाहन) के पिछले हिस्से से टकरा गई। इस हादसे में तमिलनाडु के आठ लोगों की मौत हो गयी थी।

त्रिशूर के सांसद गोपी ने यहां पत्रकारों से कहा कि सभी संबंधित पक्षों से गलतियां हुई हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग के उन हिस्सों पर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की जरूरत पर बल दिया, जहां अब भी निर्माण कार्य जारी है।

मंत्री ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को ‘सख्त चेतावनी’ दी गई है और इस मामले को सार्वजनिक मुद्दा बनाने की कोई जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘सार्वजनिक रूप से बोलना जिम्मेदारी से भागने का एक तरीका है।’’

उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए अधिकारियों या दूसरों पर दोष नहीं मढ़ना चाहिए।

गोपी ने कहा कि जहां भी सड़क का काम पूरा हो गया है, वहां यातायात को सुरक्षित रूप से गुजरने देने के लिए सही मार्ग परिवर्तन की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार को हुए हादसे वाली जगह, कैपामंगलम में जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य की भी ज़िम्मेदारी है।

गोपी ने सही मार्ग परिवर्तन बोर्ड और ‘रिफ्लेक्टर’ न होने का विषय उठाते हुए कहा कि अगर काम पूरा होने की समय-सीमा के बाद भी सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए, तो इसके लिए ठेकेदार को ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

पुलिस के अनुसार, लॉरी को राजमार्ग के दाईं ओर एक बैरिकेड वाले हिस्से के पास अवैध रूप से खड़ा किया गया था, जहां निर्माण कार्य के कारण यातायात को दूसरी तरफ़ मोड़ दिया गया था।

कार तेज रफ़्तार से जा रही थी और टक्कर से पहले चालक का ध्यान शायद मार्ग परिवर्तन बैरिकेड पर नहीं गया।

गोपी ने बताया कि उन्होंने शनिवार को केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला से लगभग आधे घंटे तक बात की थी तथा अब गश्ती को और मज़बूत किया जाएगा।

हादसे के बाद, मुख्यमंत्री वी डी सतीशन और खेल मंत्री ओजे जनीश ने एनएचएएआई के सामने केरलम में राष्ट्रीय राजमार्ग के हिस्सों पर बार-बार होने वाले हादसों को लेकर चिंता जताई।

हालांकि, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने एनएचएआई और केंद्र सरकार पर दोष मढ़ने के लिए केरल के मंत्रियों की आलोचना की।

गोपी ने कहा कि केरल पुलिस और मोटर वाहन विभाग को यातायात व्यवस्था और नियमों के पालन को देखना चाहिए।

भाषा राजकुमार दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में