त्रिशूर (केरलम), 31 अगस्त (भाषा) केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के कैलिफोर्निया से केरल की उन दो महिलाओं के पार्थिव शरीर लाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे जिनकी कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी।
रिश्तेदारों के अनुसार, मृतकाओं की पहचान त्रिशूर के मुडिक्कोड निवासी अंजना और तिरुवनंतपुरम के केशवदासपुरम निवासी एन मैथ्यू के रूप में हुई है।
अंजना के रिश्तेदार विनोद ने संवाददाताओं से कहा कि घटना की संदिग्ध की पहचान कोट्टायम निवासी अनिला के रूप में हुई है, जो दोनों महिलाओं की दोस्त थी और फिलहाल अमेरिकी पुलिस की हिरासत में है।
उन्होंने बताया कि तीनों महिलाएं अपने परिवारों के साथ एक ही अपार्टमेंट में रह रही थीं।
विनोद ने कहा कि त्रिशूर में अंजना के परिवार को शनिवार को शुरुआत में फोन पर बताया गया कि अंजना दुर्घटना का शिकार हो गई और वह अस्पताल में भर्ती है, लेकिन बाद में उसकी मौत की सूचना दी गई।
उन्होंने कहा कि परिवार वालों की वीडियो कॉल के जरिए एन से बात होती रहती थी लेकिन अनिला को वे व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते थे। तीनों महिलाएं अलग-अलग नौकरियां कर रही थीं।
विनोद ने बताया कि अंजना का पति विजीश गहरे सदमे में है और अपनी छह साल की बेटी की देखभाल करते हुए इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिका से कुछ लोगों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, अनिला ने कथित तौर पर अपने अपार्टमेंट में एन पर चाकू हमला किया और बाद में अंजना पर कार चढ़ा दी।
अंजना 2021 में अमेरिका गई थी और उसके परिवार में पति व एक बेटी हैं। विनोद ने कहा कि विजीश अभी भी सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा है और उससे पूरी जानकारी नहीं मिल सकी है।
केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने संवाददाताओं से कहा कि इन मौतों के संबंध में आधिकारिक तौर पर पुष्टि हो चुकी है कि इनकी हत्या की गई, लेकिन विस्तृत जानकारी अमेरिकी अधिकारियों द्वारा विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और केरलम के अप्रवासियों के मामलों को देखने वाले विभाग को औपचारिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही मिलेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने आज सुबह सात बजकर 25 मिनट पर सैन फ्रांसिस्को स्थित वाणिज्य दूतावास के महावाणिज्य दूत से बात की, जिनके क्षेत्र में कैलिफोर्निया आता है। उनके द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अंतिम संस्कार विधियों को संभालने वाले ‘फ्यूनरल होम’ को पार्थिव शरीर को उनके गृह देश भेजने के लिए सभी आवश्यक कागजी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं।’’
मंत्री ने कहा कि अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि पार्थिव शरीर अमेरिका में रिश्तेदारों को कब सौंपे जाएंगे, क्योंकि अधिकारी जांच के लिए शवों को अपने कब्जे में रख सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे आज बाद में वाणिज्य दूतावास से ताजा जानकारी मिलने की उम्मीद है। उसके बाद ही हमें पता चलेगा कि पार्थिव शरीर कब लाए जा सकते हैं।’’
भाषा खारी वैभव
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