NIA Jhiram Ghati Case: झीरम घाटी हमले पर अब इस दिन आएगा आखिरी फैसला, NIA की विशेष कोर्ट ने बढ़ाई तारीख

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NIA Jhiram Ghati Case: झीरम घाटी हमले पर अब इस दिन आएगा आखिरी फैसला, NIA की विशेष कोर्ट ने बढ़ाई तारीख

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  • Publish Date - August 31, 2026 / 12:37 PM IST,
    Updated On - August 31, 2026 / 12:38 PM IST

NIA Jhiram Ghati Case: झीरम घाटी हमले पर इस दिन आएगा आखिरी फैसला, NIA की विशेष कोर्ट ने बढ़ाई तारीख /image: IBC24 File

HIGHLIGHTS
  • झीरम घाटी नक्सली हमले मामले में NIA की विशेष अदालत ने अंतिम फैसले की तारीख बढ़ाकर 5 सितंबर कर दी है
  • 25 मई 2013 को हुए भीषण नक्सली हमले में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं समेत 27 लोगों की मौत हुई थी
  • NIA ने मामले में कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी और जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था

जगदलपुर। NIA Jhiram Ghati Case: NIA की विशेष कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के चर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले की सुनवाई की तारीख बढ़ा दी है, इस मामले में अब अंतिम फैसला अब 5 सितंबर को आएगा। आपको बता दें कि इससे पहले 12 अगस्त को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आगामी 31 अगस्त के लिए फैसला सुरक्षित रखा था। वहीं, आज कोर्ट ने सुनवाई की डेट बढ़ा दी है।

25 मई 2013 को इस नक्सली हमले में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ 27 लोग मारे गए थे। भीषण गोलाबारी के बाद चुन-चुन कर कांग्रेस के नेताओं को मारा गया था। हत्या के बाद पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी माओवादियों ने ली थी और माना था कि इस हत्याकांड को उन्होंने एंबुश के जरिए अंजाम दिया है।

केंद्र सरकार ने एनआईए को सौंपी थी जांच (NIA Jhiram Ghati Case)

NIA Jhiram Ghati Case पूरे मामले में घटना (Jhiram Ghati Attack Verdict) के बाद से ही कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस पर सुरक्षा के चूक के आरोप लगाए थे। केंद्र सरकार ने उस वक्त यह जांच एनआईए को सौंप दी थी। एनआईए ने अपनी जांच में 40 मुख्य आरोपियों के साथ डेढ़ सौ से अधिक अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच शुरू की। जांच के बाद 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अभियोजन के दौरान इनमें से एक की मौत हो गई, जबकि 10 लोग अब भी पुलिस की हिरासत में हैं।

 खत्म हो गई थी कांग्रेस की टॉप लीडरशिप (Chhattisgarh Jhiram Case)

साल 2013 के आखिर में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने वाले थे। पिछले 2 बार से भाजपा की सरकार थी। 10 सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस पूरा जोर लगाना चाह रही थी। कांग्रेस ने पूरे राज्य में परिवर्तन यात्रा निकालने का ऐलान किया है। 25 मई 2013 को सुकमा जिले में परिवर्तन यात्रा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर जा रहा था। 25 गाड़ियों में करीब 200 लोग थे। कांग्रेस नेता कवासी लखमा, नंदकुमार पटेल, दिनेश पटेल, महेन्द्र कर्मा, मलकीत सिंह गैदू और उदय मुदलियार समेत छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लगभग सभी शीर्ष नेता काफिले में शामिल थे।

इस तरह से की गई थी 32 लोगों की हत्या (Jhiram Ghati Attack 2013)

NIA Jhiram Ghati Case शाम को 4 बजे काफिला जैसे ही झीरम घाटी से गुजरा, तभी नक्सलियों ने पेड़ गिराकर रास्ता रोक दिया। कोई कुछ समझ पाता उससे पहले ही पेड़ों के पीछे छिपे 200 से ज्यादा नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। करीब डेढ़ घंटे तक गोलियां चलती रहीं। इसके बाद नक्सलियों ने एक-एक गाड़ी को चेक किया। जिन लोगों की सांसें चल रहीं थी उन्हें फिर से गोली मारी। जिंदा लोगों को बंधक बनाया। हमले में 32 से भी ज्यादा लोगों की मौत हुई। बताया जाता है कि नक्सलियों का मुख्य टारगेट बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा (Mahendra Karma Jhiram Attack) थे। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि नक्सलियों ने कर्मा को करीब 100 गोलियां मारी थीं और चाकू से शरीर पूरी तरह छलनी कर दिया था। बताया जाता है कि नक्सलियों ने उनके शव पर चढ़कर डांस भी किया था।

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झीरम घाटी हमले पर फैसला कब आएगा?

NIA की विशेष अदालत में झीरम घाटी नक्सली हमले मामले का अंतिम फैसला अब 5 सितंबर को आने की जानकारी है।

झीरम घाटी हमला कब हुआ था?

यह भीषण नक्सली हमला 25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के झीरम घाटी क्षेत्र में हुआ था।

झीरम घाटी हमले में कितने लोगों की मौत हुई थी?

इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत 27 लोगों की जान गई थी।

झीरम घाटी हमले की जांच किस एजेंसी ने की?

इस मामले की जांच केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी थी।

झीरम घाटी हमला इतना चर्चित क्यों है?

इस हमले में तत्कालीन छत्तीसगढ़ कांग्रेस की कई प्रमुख हस्तियां निशाना बनी थीं, जिससे इसे राज्य के सबसे चर्चित और बड़े नक्सली हमलों में गिना जाता है।