शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी की हत्या तृणमूल की ‘खेला होबे’ राजनीति का हिस्सा: भाजपा

शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी की हत्या तृणमूल की ‘खेला होबे’ राजनीति का हिस्सा: भाजपा

शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी की हत्या तृणमूल की ‘खेला होबे’ राजनीति का हिस्सा: भाजपा
Modified Date: May 7, 2026 / 10:32 pm IST
Published Date: May 7, 2026 10:32 pm IST

नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल में पार्टी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी की हत्या के बाद बृहस्पतिवार को तृणमूल कांग्रेस पर ‘‘माफिया संस्कृति’’ और ‘‘महाजंगल राज’’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह घटना राज्य में चुनाव बाद की ‘‘संस्थागत’’ हिंसा को प्रदर्शित करती है।

भाजपा ने आरोप लगाया कि राज्य में चुनावों में मिली शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ‘‘घबरा गई’’ है और अधिकारी के सहयोगी की हत्या टीएमसी की ‘‘खेला होबे’’ राजनीति का हिस्सा है।

अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात करीब 10:30 बजे मध्यग्राम के डोलतला के पास मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने रथ (42) के वाहन को रूकवा कर उन्हें बेहद करीब से गोली मारी और फिर फरार हो गए।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस हत्या की निंदा की और आरोप लगाया कि राज्य में मिली चुनावी शिकस्त के बाद टीएमसी ने हिंसा का सहारा लिया है।

उन्होंने कहा, ‘तृणमूल और ममता बनर्जी अपनी करारी शिकस्त के बाद घबरा गई हैं। लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है लेकिन तृणमूल ने हिंसा का सहारा लिया है।’

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक को इस तरह गोलियों से भून दिया गया। इस घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसी घटनाएं लोकतंत्र में न सिर्फ दुखद है बल्कि शर्मनाक भी हैं।’

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में ‘रक्तपात की राजनीतिक संस्कृति’ को बढ़ावा दिया है।

प्रधान ने एक पोस्ट में कहा, “तृणमूल के गुंडों द्वारा की गई यह निर्मम, बर्बर और कायरतापूर्ण हत्या है। शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की बर्बर हत्या पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और तृणमूल द्वारा फैलाई गई रक्तपात की राजनीतिक संस्कृति की भयावह याद दिलाती है।”

प्रधान ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी की पकड़ से लगातार फिसलते बंगाल को लेकर ममता बनर्जी की हताशा अब अपने ‘‘सबसे घिनौने रूप’’ में प्रकट हो रही है।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि रथ की हत्या और भाजपा के एक अन्य नेता रोहित रॉय पर गोली चलाना टीएमसी के ‘‘खेला होबे’’ ​​राजनीतिक मॉडल का हिस्सा है। रॉय की हालत नाजुक बनी हुई है।

चुघ ने ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया, ‘‘शुभेंदु अधिकारी के सहायक की निर्मम हत्या और रोहित रॉय पर गोली चलाना कोई साधारण घटना नहीं है, बल्कि टीएमसी के ‘खेला होबे’ के सुनियोजित राजनीतिक मॉडल का हिस्सा है।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘एक तरफ ममता बनर्जी की मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा न देने की हठधर्मी घोषणा और दूसरी तरफ इस पैमाने पर हिंसा टीएमसी की तानाशाही, निर्मम और जिहादी मानसिकता को दर्शाती है।’’

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद की हिंसा ‘‘संस्थागत’’ रूप ले चुकी है और दावा किया कि जब भी तृणमूल कांग्रेस को चुनावों में शिकस्त मिलती है, भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को निशाना बनाया जाता है।

पूनावाला ने आरोप लगाया, ‘‘शुभेंदु अधिकारी जी के सहायक की हत्या टीएमसी द्वारा पिछले 15 वर्षों में स्थापित महाजंगल राज का परिणाम है। चुनाव बाद की हिंसा को जिस तरह से संस्थागत बना दिया गया है, चाहे वह 2021 में हो या अब, वह लक्षित हत्या को प्रदर्शित करता है। शुभेंदु अधिकारी जी के सहायक की जान लेने की साजिश रची गई थी।’’

उन्होंने दावा किया कि अब तक सामने आये सबूत एक साजिश की ओर इशारा करते हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि चुनावी हार को लेकर टीएमसी की ‘‘हताशा’’ भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ लक्षित हमलों का कारण बन रही है।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने हत्या की निंदा की और अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की।

भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस घटना को ‘‘सुनियोजित राजनीतिक हत्या’’ बताया और दावा किया कि इसका मकसद राज्य में अस्थिरता पैदा करना है।

उन्होंने बारासात अस्पताल में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह एक लक्षित हमला था।’’

इस अस्पताल में रथ का पोस्टमार्टम किया गया।

बुधवार को उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट इलाके में भाजपा नेता रोहित रॉय पर हुई गोलीबारी की घटना का जिक्र करते हुए, पूनावाला ने आरोप लगाया कि इस घटना से टीएमसी की ‘‘माफिया संस्कृति’’ और भी उजागर होती है।

पूनावाला ने इस मुद्दे पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ‘‘यह दुखद है कि संविधान की बात करने वाली कांग्रेस पार्टी और अन्य दल, टीएमसी की निंदा नहीं कर रहे हैं। टीएमसी माफिया संस्कृति का अड्डा बन गई है।’’

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी रथ की हत्या को ‘‘सुनियोजित हत्या’’ बताया।

पार्टी के एक अन्य प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की स्थिति ‘‘किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक’’ है।

भाषा सुभाष आशीष

आशीष


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