राम मंदिर स्थल पर प्रतीकात्मक ज्योति स्मारक हिंदू धर्म व्यवस्था के अनुरुप नहीं: अविमुक्तेश्वरानंद

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राम मंदिर स्थल पर प्रतीकात्मक ज्योति स्मारक हिंदू धर्म व्यवस्था के अनुरुप नहीं: अविमुक्तेश्वरानंद

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  • Publish Date - April 13, 2026 / 10:00 PM IST,
    Updated On - April 13, 2026 / 10:00 PM IST

जयपुर, 13 अप्रैल (भाषा) स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार को अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में प्रस्तावित “ज्योति (अनंत ज्योति) स्मारक” की खबरों पर आपत्ति जताई और इसे हिंदू धार्मिक परंपराओं के विरुद्ध बताया।

उन्होंने इस विषय पर मंदिर ट्रस्ट से स्पष्टीकरण भी मांगा।

शंकराचार्य ने अजमेर में पत्रकारों से कहा कि मीडिया की खबरों और सोशल मीडिया पर प्रसारित दृश्य बताते हैं कि राम मंदिर स्थल पर एक प्रतीकात्मक संरचना “ज्योति” के रूप में स्थापित की जा रही है।

उन्होंने कहा, “चाहे वह पीतल की बनी हो या किसी अन्य धातु की, हमारी परंपरा में किसी स्थान की पवित्रता वास्तविक ज्योति घी या तेल से जलने वाली दीप ज्योति से ही बनी रहती है। प्रतीकात्मक स्मारक बनाकर वहां रखना हिंदू धर्म व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।”

उन्होंने कहा, “यदि ऐसा ढांचा वहां रखा गया है तो यह पूरी तरह धार्मिक मानकों के खिलाफ है और इसे तुरंत हटाया जाना चाहिए। यदि स्थान की पवित्रता बनाए रखनी है तो शास्त्रों में वर्णित वास्तविक ज्योति ही स्थापित होनी चाहिए।”

पंडितों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “हम उन पंडितों से पूछना चाहते हैं जिन्होंने इस स्थापना के लिए अनुष्ठान किए। किस शास्त्र में ऐसी ज्योति स्मारक की स्थापना का प्रावधान है? उन्हें स्पष्ट करना चाहिए।”

शंकराचार्य ने स्थापना के स्थान को लेकर भी चिंता जताई और इसे राम मंदिर के गर्भगृह की पवित्रता से जोड़ा।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मंदिर ट्रस्ट से इस विषय पर स्पष्टीकरण जारी करने और इस कदम के पीछे तर्क स्पष्ट करने की अपील की।

भाषा बाकोलिया राजकुमार

राजकुमार