सीरो-मालाबार चर्च ने आर्कबिशप जोसेफ पाम्पलानी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की निंदा की

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सीरो-मालाबार चर्च ने आर्कबिशप जोसेफ पाम्पलानी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की निंदा की

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  • Publish Date - February 15, 2026 / 12:50 PM IST,
    Updated On - February 15, 2026 / 12:50 PM IST

कोच्चि, 15 फरवरी (भाषा) केरल के कोच्चि स्थित सीरो-मालाबार चर्च ने एर्नाकुलम-अंगमाली आर्चडायोसिस का प्रशासन संभाल रहे आर्कबिशप जोसेफ पाम्पलानी के एकीकृत प्रार्थना सभा को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के निर्णय के खिलाफ हुए विरोध की कड़ी निंदा की।

इस संबंध में शनिवार को जारी एक बयान में सीरो-मालाबार चर्च के प्रवक्ता ने कहा कि चूंकि अन्य धर्मप्रांतों की तरह एर्नाकुलम-अंगमाली आर्चडायोसिस में एकीकृत प्रार्थना सभा को लागू करना संभव नहीं था, इसलिए इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की विशेष अनुमति दी गई थी।

यह विवाद सीरो-मालाबार चर्च के सभी धर्मप्रांतों में प्रार्थना सभा को एक समान तरीके लागू करने के फैसले से जुड़ा है। चर्च के इस कदम का एर्नाकुलम-अंगमाली आर्चडायोसिस के कुछ पादरियों और आम श्रद्धालुओं ने विरोध जताया है।

चर्च ने कहा कि एकीकृत प्रार्थना के तरीके को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के फैसले के बाद आर्चडायोसिस का माहौल शांत हो रहा था लेकिन इसी बीच एक गुट ने कोच्चि के सेंट मैरी बेसिलिका पर कब्जा कर धार्मिक अनुष्ठानों में बाधा डाली।

चर्च ने स्पष्ट किया कि छह से 10 जनवरी, 2026 तक आयोजित 34वीं धर्मसभा के पहले सत्र के बाद जारी परिपत्र में सभी संबंधित पक्षों से विरोध के अनुचित तरीके छोड़ शांति का मार्ग चुनने की अपील की गई थी।

इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने बेसिलिका के सामने मेजर आर्कबिशप राफेल थाटिल और आर्कबिशप पाम्पलानी की अपमानजनक तस्वीरें प्रदर्शित कीं और आर्कबिशप हाउस की दीवारों पर उनके पोस्टर चिपकाए।

चर्च के अनुसार, यह समूह आर्कबिशप पाम्पलानी पर पोप और धर्मसभा के खिलाफ काम करने का दावा कर चर्च विरोधी गतिविधियों में शामिल है।

भाषा प्रचेता सुरभि

सुरभि