Bhopal Shamshan Wedding: महाशिवरात्रि पर अनूठी शादी! एक तरफ जल रही चिता, तो दूसरी तरफ श्मशान घाट में शुभ विवाह, वजह जानकर आप भी रह जाएंगे दंग

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Bhopal Shamshan Wedding: भोपाल में रविवार को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर एक अनोखी शादी देखने को मिली। विस्तार से पढ़िए पूरा मामला क्या है

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  • Publish Date - February 15, 2026 / 02:19 PM IST,
    Updated On - February 15, 2026 / 02:23 PM IST

shadi / imagesource: varniya x handle

Bhopal Shamshan Wedding: भोपाल:  भोपाल में रविवार को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर एक अनोखी शादी देखने को मिली। आनंद नगर विश्राम घाट के श्मशान क्षेत्र में दूल्हा-दुल्हन ने श्मशान घाट की पृष्ठभूमि में परिणय सूत्र में बंधकर सभी को हैरान कर दिया। यह शादी न केवल स्थानीय लोगों का ध्यान खींची बल्कि सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है।

Bhopal Shamshan Wedding: अनोखी शादी सोशल मीडिया पर वायरल

शादी के दौरान पंडित ने पवित्र मंत्रोच्चार किया और दूल्हा-दुल्हन ने पारंपरिक पोशाक पहनी। उन्होंने बताया कि इस शादी का उद्देश्य जीवन और मृत्यु के चक्र की पवित्रता को दर्शाना है। दूल्हा-दुल्हन ने कहा कि उनका यह कदम प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।

खास बात यह हा कि, जहां शादी हो रही थी उस स्थल से कुछ मीटर की दूरी पर चिता भी जलाई जा रही थी। समारोह में मौजूद लोग इस अनोखी रस्म को देखकर हैरान रहे। वहीं, शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

Bhopal News: एक तरफ जल रही चिता

समारोह स्थल पर कई लोगों की मौजूदगी रही, जिन्होंने इस अनोखी शादी को कैमरे में कैद किया और सोशल मीडिया पर साझा किया। खास बात यह हा कि, जहां शादी हो रही थी उस स्थल से कुछ मीटर की दूरी पर चिता भी जलाई जा रही थी। विवाह के दौरान पवित्र मंत्रोच्चार और पारंपरिक रस्मों का पालन किया गया, ठीक वैसे ही जैसे किसी सामान्य शादी में होता है। दूल्हा-दुल्हन ने पारंपरिक पोशाक पहनी थी और समारोह को धार्मिक तथा सांस्कृतिक दृष्टि से पूरी तरह सजीव बनाया गया।

स्थानीय लोगों और आयोजकों के अनुसार, यह शादी एक विशेष धार्मिक और सामाजिक विश्वास के तहत आयोजित की गई थी। कुछ विद्वानों का कहना है कि महाशिवरात्रि का दिन शिव और शक्ति की पूजा का सर्वोत्तम दिन माना जाता है और इसे पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार अशुभ या शुभ स्थान से जोड़ा जा सकता है। दूल्हा-दुल्हन ने अपने निर्णय का कारण बताया कि वे चाहते थे कि उनका विवाह जीवन और मृत्यु के चक्र की पवित्रता का प्रतीक बने।

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