उप्र: महाशिवरात्रि पर काशी समेत प्रदेश के शिवालयों में उमड़े श्रद्धालु, विशेष व्यवस्थाएं की गईं

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उप्र: महाशिवरात्रि पर काशी समेत प्रदेश के शिवालयों में उमड़े श्रद्धालु, विशेष व्यवस्थाएं की गईं

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  • Publish Date - February 15, 2026 / 02:25 PM IST,
    Updated On - February 15, 2026 / 02:25 PM IST

(तस्वीरों सहित)

लखनऊ/वाराणसी, 15 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश में बाबा भोलेनाथ की नगरी काशी समेत प्रदेश के अन्य शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन कर जलाभिषेक किया और मंगल कामना की।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक कर लोकमंगल की कामना की।

काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर की मंगला आरती के बाद श्रद्धालु कतारों में लगकर दर्शन-पूजन कर रहे हैं।

मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि पिछले वर्ष महाशिवरात्रि पर लगभग 12 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि इस बार 10 से 15 लाख लोगों के आने का अनुमान है।

उन्होंने बताया कि पांच लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले धाम में सुगम दर्शन की व्यवस्था की गई है।

मिश्रा ने बताया कि भीड़ प्रबंधन के लिए अवरोधक लगाए गए हैं और छह द्वारों से दर्शन कराए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तीन स्थानों पर चिकित्सीय टीम भी तैनात हैं।

मंदिर प्रशासन ने सुबह कतार में लगे श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा भी की। बाबा विश्वनाथ 45 घंटे तक लगातार दर्शन देंगे।

मिश्रा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर मंदिर विश्व का आध्यात्मिक संगम बन रहा है और 62 बड़े मंदिरों से भोग-वस्त्र भेजे गए हैं। देश के 54 प्रमुख ज्योतिर्लिंगों, शक्तिपीठों और तीर्थस्थलों से आए प्रसाद, वस्त्र और तीर्थजल को अर्पित करने की परंपरा भी शुरू की गई है।

बाराबंकी जिले के रामनगर स्थित प्रसिद्ध तीर्थ लोधेश्वर महादेवा मंदिर में भी आस्था का जनसैलाब उमड़ा।

पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि रात 12 बजे से अब तक करीब ढाई लाख कांवड़िये और श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी सहित अधिकारियों ने रात में मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और सुरक्षा, यातायात, पार्किंग व प्रकाश व्यवस्था के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने बताया कि अभी लगभग तीन लाख और लोगों के दर्शन करने का अनुमान है और देर रात तक श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रह सकता है।

मथुरा में, श्री कृष्ण जन्मस्थान की ओर से भेजे गए वस्त्र महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव को अर्पित किए जाएंगे। जन्मस्थान से शिव बारात भी निकाली जाएगी, जिसमें विभिन्न झांकियां, नृत्य दल और अखाड़े शामिल होंगे।

श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि इस साल की बारात में अखाड़े भी हिस्सा लेंगे।

श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि भागवत भवन में श्री केशव देवेश्वर महादेव मंदिर में शाम सात बजे से अगली सुबह तीन बजे तक महाभिषेक किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण जन्मस्थान ने आठ फरवरी को वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रसाद, पूजा का सामान, भगवान शिव और माता पार्वती के कपड़े, गहने और श्रंगार का सामान भेजा।

भूतेश्वर मंदिर के सेवायत जितेंद्र गोस्वामी ने कहा कि प्राचीन भूतेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही लोगों की लंबी कतार लगी हुई ।

उन्होंने कहा कि ऐसा माना जाता है कि भगवान श्रीराम के भाई शत्रुघ्न ने राक्षस लवणासुर से लड़ने के लिए भगवान से प्रार्थना की थी।

भाषा सं आनन्द खारी

खारी

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