अन्नपूर्णा योजना के तहत भुगतान में देरी के लिए ‘प्रणालीगत दिक्कतें’ जिम्मेदार : समिक भट्टाचार्य
अन्नपूर्णा योजना के तहत भुगतान में देरी के लिए ‘प्रणालीगत दिक्कतें’ जिम्मेदार : समिक भट्टाचार्य
कोलकाता, 23 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने रविवार को अन्नपूर्णा योजना के तहत पात्र महिलाओं को लाभ की राशि देने में हो रही देरी के लिए “प्रणालीगत दिक्कतों’’ को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर इसे बाधित करने की कोशिश की जा रही है।
हावड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान भट्टाचार्य ने कहा, “प्रणाली में कुछ गड़बड़ियां और समस्याएं हैं। कुछ जगहों पर इसे बाधित करने की कोशिश की जा रही है। इसी वजह से ऐसा हुआ है।”
अन्नपूर्णा योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये मिलने हैं।
निर्धारित अवधि में आवेदन करने वाली और पात्र पाई गई कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा तय 20 अगस्त की समय सीमा तक उन्हें राशि नहीं मिली। भट्टाचार्य ने लाभार्थियों को आश्वासन दिया कि उन्हें योजना की राशि मिल जाएगी।
भाजपा सांसद ने कहा, “मैं कह रहा हूं कि सभी को अन्नपूर्णा योजना का पैसा मिलेगा।”
उन्होंने कहा कि करीब 50 लाख और महिलाओं को योजना के दायरे में लाया जाएगा और दावा किया कि केवल बहुत कम संख्या में लाभार्थियों को अभी तक राशि नहीं मिली है।
उन्होंने कहा, “करीब 50 लाख और महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। केवल दो से तीन प्रतिशत महिलाओं को पैसा नहीं मिला है। सभी को मिलेगा।”
भट्टाचार्य की यह टिप्पणी राज्य के कई हिस्सों में महिलाओं के प्रदर्शन के बीच आई है। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि उन्होंने आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन उन्हें अब तक वादे के मुताबिक सहायता राशि नहीं मिली है। राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल को भी इस मुद्दे पर विरोध का सामना करना पड़ा है।
मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी बार-बार लाभार्थियों को आश्वस्त कर चुके हैं कि सभी पात्र महिलाओं को राशि दी जाएगी।
भट्टाचार्य ने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी पुरानी लक्ष्मी भंडार योजना में अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान जिस तरह की धोखाधड़ी हुई, जिसमें पुरुषों को भी लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ मिला, वैसा अन्नपूर्णा योजना में नहीं होगा।”
अन्नपूर्णा योजना को भाजपा सरकार ने पिछली लक्ष्मी भंडार योजना की समीक्षा के बाद शुरू किया था। सरकार ने कहा था कि जांच-पड़ताल के बाद केवल पात्र आवेदकों को ही लाभ दिया जाएगा। इसके लिए नये सिरे से आवेदन मांगे गए थे और ऑनलाइन प्रक्रिया सहित विभिन्न माध्यमों से उनका सत्यापन किया गया था।
भाषा अमित दिलीप
दिलीप

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