प्रतिभा पलायन बड़ी समस्या, जब अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही तो क्यों नहीं मिल रही हैं नौकरियां : सपा सांसद
प्रतिभा पलायन बड़ी समस्या, जब अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही तो क्यों नहीं मिल रही हैं नौकरियां : सपा सांसद
नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के एक सांसद ने ‘‘प्रतिभा पलायन’’ को बड़ी समस्या बताते हुए सोमवार को लोकसभा में कहा कि यदि वे देश के विकास में लगते तो विश्व में भारत की कुछ अलग ही छवि होती।
सपा के शिवपाल सिंह पटेल ने वित्त विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए सवाल किया, ‘‘देश की जिस आर्थिक वृद्धि के दावे किये जा रहे हैं, वह युवाओं के लिए रोजगार क्यों नहीं पैदा कर रही? क्यों मेधावी लोग देश छोड़ कर जा रहे हैं?’’
उन्होंने कहा, ‘‘देश में आज के समय में नौकरियां है ही नहीं। बड़ी संख्या में युवा अनुबंध पर या गिग वर्कर के रूप में काम करने को मजबूर हैं। यदि अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, तो गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ नौकरियां क्यों नहीं बढ़ रही?’’
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल के वर्षों में काफी संख्या में पूंजीपतियों ने दूसरे देशों की नागरिकता ली है।
सपा सांसद ने कहा, ‘‘देश से प्रतिभा पलायन होना कहीं बड़ी समस्या है। यदि प्रतिभा पलायन नहीं होता और ये लोग देश के विकास में लगते तो दुनिया में भारत की अलग ही छवि होती।’’ उन्होंने सवाल किया कि 2014 से ऐसी क्या परिस्थितियां पैदा हुईं कि यह बढ़ती ही जा रही है?
उन्होंने लोकसभा में, पूर्व में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा इस संबंध में दिये गए आंकड़ों का उल्लेख किया और दावा किया कि भारत छोड़ने वालों की संख्या अब तक 10 लाख से अधिक हो गई है।
उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘काला धन तो वापस ला नहीं पाये, व्हाइट पैसे कमाने वाले भी देश छोड़ कर चले गए।’’
सपा के ही रमाशंकर राजभर ने सवाल किया कि यदि देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) बढ़ रही है तो युवा बेरोजगार क्यों हो रहे हैं?
उन्होंने कहा, ‘‘आऊटसोर्सिंग की बाढ़ आ गई है। सरकारी नौकरियों में छंटनी हो रही है। आऊटसोर्सिंग करने वाली कंपनियां और ठेकेदार आ गए हैं। यदि विकास हो रहा है तो पलायन क्यों हो रहा है? युवाओं में बेरोजगारी दर 15 प्रतिशत से अधिक है। लाखों सरकारी पद खाली हैं।’’
उन्होंने ‘‘एलपीजी संकट’’ पर कहा कि सरकार ने यह निर्देश जारी किया कि शहरी क्षेत्रों में 25 दिन में और ग्रामीण क्षेत्र में 45 दिन पर एलपीजी सिलेंडर मिलेगा। सपा सांसद ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘आपने तो (गांव और शहरों के) चूल्हे में भी भेद कर दिया।’’
भाकपा (माले) लिबरेशन के राजाराम सिंह ने पश्चिम एशिया युद्ध का परोक्ष रूप से संदर्भ देते हुए कहा कि साम्राज्यवादी युद्ध जब भी होते हैं, वे बाजार और संसाधनों पर कब्जे के लिए होते हैं।
उन्होंने कहा कि इस बार भी यही हो रहा है। उन्होंने साम्राज्यवाद के खिलाफ सरकार से खड़े होने की अपील की।
कांग्रेस के रॉबर्ट ब्रूस सी ने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार पहले से जारी विभिन्न योजनाओं का नाम परिवर्तित कर रही है और ‘‘बजट से पता चलता है कि यह ‘गेम चेंजर’ सरकार नहीं, बल्कि ‘नेम चेंजर’ सरकार है।’’
राष्ट्रीय लोकदल के राजकुमार सांगवान ने वित्त विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि यह देश में महंगाई को नियंत्रित करने का काम करेगा।
उन्होंने विकास परियोजनाओं के लिए स्वेच्छा से भूमि हस्तांतरित करने वाले लोगों पर लगने वाला पूंजीगत लाभ कर समाप्त करने की मांग की।
भाषा सुभाष अविनाश
अविनाश

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