तमिलनाडु विधानसभा ने मेकेदातु में बांध बनाने की कर्नाटक की योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया

तमिलनाडु विधानसभा ने मेकेदातु में बांध बनाने की कर्नाटक की योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया

तमिलनाडु विधानसभा ने मेकेदातु में बांध बनाने की कर्नाटक की योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया
Modified Date: June 19, 2026 / 05:00 pm IST
Published Date: June 19, 2026 5:00 pm IST

चेन्नई, 19 जून (भाषा) तमिलनाडु विधानसभा ने कावेरी नदी पर कर्नाटक द्वारा मेकेदातु में बांध बनाए जाने की योजना के खिलाफ शुक्रवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया और इस मुद्दे पर राज्य सरकार की ओर से उठाए गए सभी कदमों का समर्थन किया।

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पड़ोसी राज्य के साथ लगभग 13 साल से जारी विवाद पर यह सरकारी प्रस्ताव पेश किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन और अन्नाद्रमुक के प्रमुख ई. के. पलानीस्वामी समेत विपक्षी सदस्यों ने सरकार का समर्थन किया।

कांग्रेस ने भी कर्नाटक की अपनी सरकार के विपरीत रुख अपनाते हुए विधानसभा में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) का समर्थन किया।

उदयनिधि ने कहा कि मेकेदातु बांध के मुद्दे को एक नया विवाद माना जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि मौजूदा प्रस्ताव में संशोधन करके केंद्र सरकार से अंतरराज्यीय नदी दल विवाद अधिनियम, 1956 के तहत एक नया अधिकरण बनाने की मांग की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु विधानसभा और संसद के सभी दल मिलकर एक प्रतिनिधिमंडल बनाएं और केंद्र सरकार के अधिकारियों से मिलें, ताकि राज्य की एकता दिखाकर इस परियोजना का विरोध किया जा सके।

उन्होंने कहा, “द्रमुक का स्पष्ट रुख है कि मेकेदातु में कोई बांध नहीं बनना चाहिए। हम तमिलनाडु के अधिकारों से समझौता नहीं होने देंगे। पार्टी कर्नाटक में बांध निर्माण रोकने के लिए सभी कानूनी कदमों का समर्थन करती है। इस परियोजना को रोकने के लिए हमें एकजुट रहना चाहिए।”

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को पूरा समर्थन देते हुए कहा कि मेट्टूर से पानी नहीं छोड़े जाने के कारण किसान परेशान हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की आगामी बैठक में राज्य के लिए जल का उचित हिस्सा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने चाहिए।

कावेरी नदी के पानी पर अधिकारों की रक्षा के लिए तत्कालीन अन्नाद्रमुक सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को याद करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि उनकी पार्टी इस परियोजना को रोकने के लिए सभी कानूनी रास्तों का समर्थन करेगी क्योंकि इसके लिए कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण के अंतिम आदेश का उल्लंघन किया गया है।

मुख्यमंत्री विजय की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया कि सदन कर्नाटक सरकार द्वारा कावेरी नदी पर मेकेदातु में बांध बनाने के एकतरफा प्रयास पर “कड़ी आपत्ति” दर्ज कराना चाहता है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि यह प्रयास कावेरी जल विवाद अधिकरण के पांच फरवरी 2007 के अंतिम निर्णय और 16 फरवरी 2018 के उच्चतम न्यायालय के फैसले का सम्मान किए बिना किया जा रहा है।

भाषा जोहेब माधव

माधव


लेखक के बारे में