तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने 90 प्रतिशत टीके सरकारी संस्थानों को आवंटित करने का आग्रह किया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने 90 प्रतिशत टीके सरकारी संस्थानों को आवंटित करने का आग्रह किया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने 90 प्रतिशत टीके सरकारी संस्थानों को आवंटित करने का आग्रह किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:02 pm IST
Published Date: June 28, 2021 12:08 pm IST

चेन्नई, 28 जून (भाषा) तमिलनाडु सरकार ने केंद्र से सरकारी और निजी संस्थानों को कोविड-19 रोधी टीके आवंटन करने की नीति को संशोधित करने का सोमवार को अनुरोध किया और मांग की कि 90 प्रतिशत खुराकें सरकारी केंद्रों को दी जानी चाहिए।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन को एक पत्र में मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कहा कि निजी अस्पतालों को उनके द्वारा किए गए वास्तविक टीकाकरण की तुलना में 25 प्रतिशत आवंटन काफी अधिक है। पत्र में कहा गया, ‘‘नयी उदारीकृत टीकाकरण नीति के तहत केंद्र सरकार 75 प्रतिशत टीके खुद खरीद रही है और बाकी टीके निजी अस्पतालों को मुहैया कराए जा रहे हैं।’’ पत्र में कहा गया, ‘‘मैं इससे सहमत हूं कि उपलब्ध टीकों का एक हिस्सा निजी संस्थानों के साथ साझा किया जाना चाहिए, मैं आपके ध्यान में यह तथ्य लाना चाहता हूं कि निजी अस्पतालों को यह 25 प्रतिशत आवंटन उनके द्वारा किए गए वास्तविक टीकाकरण की तुलना में काफी अधिक है।’’

राज्य को कोविड-19 रोधी टीके का आवंटन बढ़ाने का अनुरोध करते हुए स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु में अब तक 1.43 करोड़ खुराकों का इस्तेमाल हुआ है, इनमें से निजी अस्पतालों में महज 6.5 लाख खुराकें दी गयी जो कि करीब 4.5 प्रतिशत है। स्टालिन ने कहा, ‘‘इस महीने राज्य में 43.5 लाख खुराकें लोगों को दी गयीं, इनमें से 4.5 लाख खुराकें निजी संस्थानों में दी गयीं जो कि 10 प्रतिशत है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सरकारी और निजी संस्थानों में मांग और आपूर्ति के बीच मेल न होने के परिणामस्वरूप ऐसी स्थिति पैदा हो गई है कि तमिलनाडु के निजी अस्पतालों के पास लगभग 7-8 लाख खुराक उपलब्ध हैं, जो एक महीने की खुराकों के बराबर है, जबकि सरकारी संस्थानों के पास केवल दो लाख खुराकें ही बची हुई है जो कि एक दिन की खुराकों से भी कम है।’’

उन्होंने कहा कि टीकों का तार्किक और प्रदर्शन के आधार पर वितरण कर इसमें संशोधन किया जा सकता है।

भाषा आशीष मनीषा

मनीषा


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