द्रमुक के साथ सत्ता साझेदारी पर बोलने के लिये तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं को चेताया
द्रमुक के साथ सत्ता साझेदारी पर बोलने के लिये तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं को चेताया
चेन्नई, 17 फरवरी (भाषा) तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस प्रमुख के सेल्वपेरुंथगई ने मंगलवार को कहा कि द्रवि़ड़ मुनेत्र कषगम के साथ सत्ता-साझाकरण पर टिप्पणी नहीं करने के निर्देश का उल्लंघन करने वालों पर पार्टी कड़ी नज़र रख रही है, और इस मुद्दे पर फैसला आलाकमान ही करेंगे।
सेल्वपेरुंथगई ने द्रमुक के साथ सत्ता साझेदारी की लगातार मांग कर रहे पार्टी सांसद मणिकम टैगोर के जवाब में कहा कि पार्टी सदस्यों को सार्वजनिक मंचों पर गठबंधन के बारे में बात नहीं करने के लिए कहा गया है।
उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारे नेता मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और के.सी. वेणुगोपाल ने हमें सार्वजनिक रूप से अपने विचार व्यक्त नहीं करने के लिए कहा है। मुझे नहीं पता कि कांग्रेस में इन नेताओं से बड़ा कोई है या नहीं।”
सेल्वपेरुंथगई ने बेंगलुरु में खरगे से हुई मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर पत्रकारों से कहा, “हमारे आलाकमान ने तमिलनाडु की जमीनी हकीकत के बारे में पूछा। मैंने उन्हें यहां की स्थिति और राज्य की राजनीतिक परिस्थिति के बारे में समझाया।”
उन्होंने विरुधुनगर से सांसद के सत्ता-साझाकरण के आग्रह पर कहा, “मेरा रुख वही है, जो आलाकमान का है। पार्टी सदस्यों को सार्वजनिक रूप से अपने विचार व्यक्त करने से बचना चाहिए।”
टैगोर ने अपनी मांग के औचित्य और सेल्वपेरुंथगई को भाई समान बताया था, जिसपर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने जवाब दिया, “आप (टैगोर) और मैं भी भाई हैं, एक बड़ा है और दूसरा छोटा। और मैं झगड़ा नहीं करता।”
इससे पहले दिन में मणिकम टैगोर ने मदुरै में पत्रकारों से कहा कि उनके और सेल्वपेरुंथगई के बीच कोई मतभेद नहीं है और वे बड़े व छोटे भाई की तरह हैं।
सांसद ने दावा किया कि कांग्रेस आलाकमान द्रमुक के साथ सत्ता में हिस्सेदारी की मांग से ‘वाकिफ’ है।
भाषा जितेंद्र रंजन
रंजन

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