तमिलनाडु दलित लड़की आत्महत्या: इस कदम के लिए शिक्षिका पर उकसाने का मामला दर्ज
तमिलनाडु दलित लड़की आत्महत्या: इस कदम के लिए शिक्षिका पर उकसाने का मामला दर्ज
मदुरै (तमिलनाडु), 29 अगस्त (भाषा) तमिलनाडु में मदुरै जिले के उसिलमपट्टी में एक स्कूल में दाखिला लेने आयी एक दलित लड़की के कथित रुप से आत्महत्या कर लेने के बाद उसका अपमान करने के आरोप में एक अध्यापिका के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
प्रधानाचार्य ने इस लड़की के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी की।
सोलह वर्षीय लड़की के रिश्तेदार सरकारी आदर्श माध्यमिक स्कूल की प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। आरोप है कि प्रधानाचार्य ने लड़की को इसलिए डांटा और जातिसूचक शब्द कहे क्योंकि उसने अपनी मां से कहा था कि वह उनके सामने हाथ जोड़कर खड़ी न हों।
पुलिस ने शनिवार को बताया कि 25 अगस्त को स्कूल की प्रधानाचार्य द्वारा कथित तौर पर अपमानित किए जाने के बाद लड़की ने आत्महत्या कर ली थी।
आरंभ में पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज किया था, लेकिन बाद में इसे आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में बदल दिया गया और शिक्षिका को इसमें आरोपी बनाया गया।
वह लड़की 24 अगस्त को अपनी मां के साथ उसिलमपट्टी के ‘सरकारी आदर्श माध्यमिक स्कूल’ में दाखिला लेने गई थी। उसने नर्सिंग की पढ़ाई करने के लिए अपने मौजूदा स्कूल की पढ़ाई छोड़ने का फ़ैसला किया था।
साक्षात्कार के दौरान, लड़की ने देखा कि उसकी मां हाथ जोड़कर दबी-दबी सी मुद्रा में खड़ी थी, तो उसने मां को अपनी मुद्रा बदलने का इशारा किया और उनके हाथ सीधे करवाए। इस बात पर प्रधानाचार्य नाराज हो गयीं और छात्रा पर घमंडी होने का आरोप लगाते हुए जातिसूचक टिप्पणी की।
उन्होंने पूछा कि ‘‘आप जैसे लोग’’ हाथ जोड़कर क्यों नहीं रह सकते और उन्हें चले जाने का आदेश दिया। पुलिस ने बताया कि अगले दिन लड़की ने अपने घर पर फांसी लगाकर जान दे दी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘25 अगस्त को दर्ज किए गए आत्महत्या (अप्राकृतिक मौत) के मामले में बाद में 28 अगस्त को बदलाव किया गया। इसमें बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप जोड़ा गया और प्राथमिकी में प्रधानाचार्य का नाम शामिल किया गया।’’
मृत लड़की की मां ने अपनी शिकायत में कहा कि प्रधानाचार्य की डांट-फटकार के बाद उनकी बेटी बहुत परेशान थी; वह पूरी रात बिना कुछ खाए-पिए और गम में डूबी रही एवं 25 अगस्त को उसने यह चरम कदम उठा लिया।
एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस स्कूल का सीसीटीवी फुटेज हासिल कर रही है और यह पता लगाने के लिए ज़िला बाल कल्याण समिति और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है कि क्या इस मामले में अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम लागू किया जा सकता है।
भाषा
राजकुमार माधव
माधव

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