तमिलनाडु में सरकारी वकीलों की नियुक्ति केवल योग्यता के आधार पर होगी : मंत्री निर्मल कुमार
तमिलनाडु में सरकारी वकीलों की नियुक्ति केवल योग्यता के आधार पर होगी : मंत्री निर्मल कुमार
चेन्नई, एक जून (भाषा) तमिलनाडु के ऊर्जा संसाधन एवं विधि मंत्री आर. निर्मल कुमार ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार उच्च न्यायालय सहित सभी स्तरों पर सरकारी वकीलों और विधि अधिकारियों की नियुक्ति पूरी तरह योग्यता के आधार पर कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्य उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही होगा।
कुमार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में इन नियुक्तियों में किसी भी प्रकार के राजनीतिक हस्तक्षेप या भ्रष्टाचार से साफ इनकार करते हुए दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान ऐसी नियुक्तियों में कथित तौर पर ऐसी अनियमितताएं होती थीं।
विधि मंत्री ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार पूरी ईमानदारी के साथ और केवल योग्यता के आधार पर सरकारी वकीलों की नियुक्ति कर रही है। इस प्रक्रिया में उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है।’’
कुमार ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और इसमें ‘‘न कोई भेदभाव है और न ही कोई हस्तक्षेप।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के शासनकाल के दौरान कई उच्च पद कथित रूप से करोड़ों रुपये की रिश्वत देकर हासिल किए गए थे।
कुमार ने कहा, ‘‘कई लोगों ने मुझे बताया है कि अतीत में अनेक उच्च पद पैसे देकर या करोड़ों रुपये की रिश्वत देकर प्राप्त किए गए। कई अयोग्य लोगों को भी केवल पैसे के बल पर नियुक्तियां मिलीं। हमारी सरकार में ऐसा नहीं होगा।’’
उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में उच्च न्यायालय में अस्थायी अधिवक्ताओं की नियुक्ति पूरी तरह योग्यता के आधार पर की जा रही है, जिसकी कई पूर्व न्यायाधीशों ने सराहना की है।
मंत्री ने कहा, ‘‘कई पूर्व न्यायाधीशों ने फोन कर खुशी व्यक्त की और कहा कि लगभग 40 वर्षों बाद वे इस प्रकार की योग्यता-आधारित नियुक्तियां देख रहे हैं। रिश्वतखोरी और अनियमितताओं को बिल्कुल बर्दाश्त न करना हमारे मुख्यमंत्री की मूल नीति है।’’
कुमार ने कहा कि सरकारी अधिवक्ता न्यायाधीशों को त्वरित न्याय देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सरकार का उद्देश्य आम तथा वंचित लोगों को न्याय मिलने में होने वाली देरी को समाप्त करना है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आम आदमी और गरीबों को न्याय मिलने में किसी भी परिस्थिति में देरी न हो। साथ ही, महिलाओं के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करना मुख्यमंत्री की स्पष्ट नीति है।’’
कुमार ने कहा कि विभिन्न विभागों से संबंधित नियुक्तियों की प्रक्रिया अगले एक महीने के भीतर चरणबद्ध तरीके से पूरी कर ली जाएगी।
मेकेदातु बांध परियोजना से जुड़े एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु सरकार पड़ोसी राज्य कर्नाटक द्वारा प्रस्तावित मेकेदातु बांध के निर्माण का लगातार विरोध कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री किसी भी स्थिति में मेकेदातु बांध के निर्माण की अनुमति नहीं देंगे। इसे रोकने के लिए सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय प्रतिदिन इस मामले की निगरानी कर रहा है, ताकि कानूनी रूप से इस परियोजना को रोका जा सके।’’
भाषा रवि कांत रवि कांत सुरेश
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