इरोड (तमिलनाडु), छह जून (भाषा) एक नाबालिग लड़की से उसके अंडाणु संग्रहित करने की शिकायत की जांच के लिए सोमवार को तमिलनाडु सरकार द्वारा गठित छह सदस्यीय मेडिकल टीम सोमवार को सेलम के लिए रवाना हो गई।
टीम अपनी जांच के तहत वहां बांझपन का इलाज करने वाले एक अस्पताल में जाएगी और कुछ दिनों में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
उल्लेखनीय है कि टीम को रविवार को 16 वर्षीय एक किशोरी ने अपनी पीड़ा सुनाई थी जो वह 13 साल की उम्र से झेल रही थी।
पीड़िता ने बताया कि किस तरह से उसकी मां इंद्राणी और उसके प्रेमी सैयद अली ने उसे (किशोरी को) अपना अंडाणु पेरूनदुरई (इरोड), सेलम और होसुर क्षेत्रों में निजी क्लिनिक को दान करने के लिए मजबूर किया। किशोरी ने आरोप लगाया कि सैयद अली ने उसका कई बार यौन उत्पीड़न किया।
पुलिस ने बताया कि उन्होंने जिले में बांझपन का इलाज करने वाले अस्पतालों में पूछताछ की, जहां किशोरी को अपना अंडाणु दान करने के लिए मजबूर किया गया था।
शनिवार को मामले के जांच अधिकारी इरोड जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बांझपन का इलाज करने वाले दो अस्पतालों को समन भेजा। दोनों अस्पतालों के अधिकारी उपस्थित हुए और जांच अधिकारी के सवालों का जवाब दिया।
भाषा
सुभाष नरेश
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