तमिलनाडु चुनाव : पलानीस्वामी ने स्टालिन पर साधा निशाना, द्रमुक सरकार को बताया नाकाम
तमिलनाडु चुनाव : पलानीस्वामी ने स्टालिन पर साधा निशाना, द्रमुक सरकार को बताया नाकाम
(फाइल फोटो के साथ)
चेन्नई, आठ अप्रैल (भाषा) अन्नाद्रमुक प्रमुख ई.के. पलानीस्वामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार पर निशाना साधते हुए इसे नाकाम करार दिया और कहा कि सरकारी पदों को भरने, युवाओं को रोजगार देने एवं मानसून के दौरान चेन्नई में भारी जलभराव रोकने में सरकार विफल रही।
उन्होंने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को “दुष्ट” बताते हुए लोगों से उसे सत्ता से हटाने का आह्वान किया।
पलानीस्वामी ने कहा कि द्रमुक के पिछले पांच साल के शासन में जनता को बिगड़ती कानून-व्यवस्था, महिलाओं, लड़कियों और आम लोगों के लिए सुरक्षा की कमी समेत कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के प्रमुख पलानीस्वामी ने यहां वेलाचेरी में एक चुनावी रैली में कहा, “मौजूदा द्रमुक सरकार में लोग डर के माहौल में जी रहे हैं। अन्नाद्रमुक के शासन में कानून का राज था और लोग सुरक्षित माहौल में बिना डर के रहते थे। उस समय अन्नाद्रमुक सरकार गलत करने वालों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई करती थी।”
विपक्षी नेता ने कहा कि द्रमुक शासन में आम जनता और छोटे व्यापारी दोनों बुरी तरह प्रभावित हुए हैं लेकिन अन्नाद्रमुक के सत्ता में आने पर यह स्थिति बदल जाएगी।
उन्होंने कहा कि 2021 में स्टालिन ने द्रमुक के सत्ता में आने पर 3.5 लाख सरकारी पदों समेत 5.5 लाख रिक्तियों को भरने का वादा किया था परंतु पिछले पांच वर्षों में जहां एक लाख कर्मी सेवानिवृत्त हुए वहीं नियुक्ति पत्र केवल 94,000 लोगों को ही जारी किए गए।
पलानीस्वामी ने कहा कि लोगों को सोचना चाहिए कि 2021 से 2026 के बीच द्रमुक ने उनके लिए क्या किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “चेन्नई और खासकर वेलाचेरी के लिए कोई नयी परियोजना नहीं लाई गई, जहां मानसून के दौरान भारी जलभराव होता है।”
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के बीच परिसीमन की बात करने पर मुख्यमंत्री स्टालिन की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, “परिसीमन एक राष्ट्रीय प्रक्रिया है। एक केंद्रीय मंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि राज्य इससे प्रभावित नहीं होगा। आप इस पर इतना जोर क्यों दे रहे हैं? ऐसा लगता है कि आपके पास बोलने के लिए और कुछ नहीं है। विधानसभा चुनाव की बात कीजिए। जब लोकसभा चुनाव ही नहीं हैं तो परिसीमन की बात करने का क्या फायदा?”
उन्होंने कहा, ‘‘स्टालिन, घिसे-पिटे रिकॉर्ड की तरह, बार-बार मुझे ‘गुलाम’ पलानीस्वामी कहते हैं। आपके विपरीत, हम सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी गिरवी नहीं रखेंगे। द्रमुक ही गिरवी रखती है। हम जनता की भलाई के लिए शुरू की गई पहल का समर्थन करेंगे और जनता व तमिलनाडु के लिए हानिकारक परियोजनाओं का विरोध करेंगे।’’
पलानीस्वामी ने कहा कि स्टालिन को अन्नाद्रमुक के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि अन्नाद्रमुक ने द्रमुक की तरह अपने सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे की बातचीत को 20 दिनों तक नहीं खींचा था।
उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक ने अपने पार्टी मुख्यालय में अपने सहयोगियों से मुलाकात की, दो घंटे में ही सीटों का बंटवारा किया और इसकी घोषणा कर दी।
भाषा राजकुमार अविनाश
अविनाश

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