डीजीपी की नियुक्ति के लिए संशोधित प्रस्ताव सात दिन के भीतर प्रस्तुत करे तमिलनाडु: न्यायालय

डीजीपी की नियुक्ति के लिए संशोधित प्रस्ताव सात दिन के भीतर प्रस्तुत करे तमिलनाडु: न्यायालय

डीजीपी की नियुक्ति के लिए संशोधित प्रस्ताव सात दिन के भीतर प्रस्तुत करे तमिलनाडु: न्यायालय
Modified Date: February 12, 2026 / 08:43 pm IST
Published Date: February 12, 2026 8:43 pm IST

नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को तमिलनाडु सरकार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति के लिए एक सप्ताह के भीतर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को अपना संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा कि यूपीएससी इसके बाद दो सप्ताह के भीतर अपनी अंतिम सिफारिश देगा।

पीठ ने तेलंगाना के लिए डीजीपी की नियुक्ति से संबंधित एक अलग मामले में पांच फरवरी को दिए गए अपने आदेश का हवाला दिया।

उस आदेश में, उच्चतम न्यायालय ने कई राज्यों की ओर से डीजीपी की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजने में हुई अत्यधिक देरी का गंभीर संज्ञान लिया था और यूपीएससी को राज्य सरकारों को समय पर प्रस्ताव भेजने के लिए पहले पत्र लिखने का अधिकार दिया था।

इसने यूपीएससी को निर्देश दिया था कि यदि प्रस्ताव समय पर प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो वह इसके समक्ष उचित आवेदन प्रस्तुत करे।

बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान, पीठ ने कहा कि पांच फरवरी को उसके द्वारा पारित किए गए निर्देशों का पालन सभी राज्यों और यूपीएससी को करना चाहिए, राज्य के विशिष्ट तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तमिलनाडु के लिए एक मामूली बदलाव को छोड़कर।

शीर्ष अदालत को सूचित किया गया कि तमिलनाडु के कार्यवाहक डीजीपी को भी राज्य के नियमित डीजीपी के रूप में नियुक्त किए जाने पर विचार किया जा रहा है और इसलिए, उन्हें डीजीपी की नियुक्ति के लिए गठित समिति में शामिल नहीं किया जा सकता।

पीठ ने कहा कि चयन समिति में तमिलनाडु को राज्य से दो सदस्य रखने का अधिकार है।

इसने तमिलनाडु सरकार को चयन समिति में डीजीपी से उच्च या समकक्ष पद और प्रतिष्ठा वाले अधिकारी को नामित करने की अनुमति प्रदान कर दी।

शीर्ष अदालत ने पांच फरवरी को तेलंगाना के डीजीपी की नियुक्ति से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए, प्रकाश सिंह मामले में न्यायालय के निर्देशों के अनुसार डीजीपी की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजने में कई राज्यों द्वारा की गई अत्यधिक देरी के संबंध में यूपीएससी द्वारा व्यक्त की गई चिंता का पूरी तरह से समर्थन किया था।

पुलिस सुधारों से संबंधित प्रकाश सिंह मामले में, उच्चतम न्यायालय ने दिशानिर्देश जारी किए थे, जिनके अनुसार उपराज्यपालों का चयन यूपीएससी द्वारा सूचीबद्ध तीन वरिष्ठतम आईपीएस अधिकारियों में से ही किया जाना अनिवार्य है तथा उनका कार्यकाल दो वर्ष निर्धारित किया गया है।

भाषा नेत्रपाल नरेश

नरेश


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