पणजी, 20 जून (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय तहलका पत्रिका के संस्थापक संपादक तरुण तेजपाल के मामले में गोवा सरकार की अंतिम दलीलों पर 24 जून को सुनवाई करेगा।
गोवा सरकार ने तेजपाल को 2021 में एक निचली अदालत की ओर से बलात्कार मामले में बरी किए जाने के खिलाफ अपील दायर की हुई है।
उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने शुक्रवार को हुई सुनवाई के बाद मामले को 24 जून के लिए सूचीबद्ध किया है। उस दिन वह राज्य की ओर से अंतिम दलीलें सुनेगी।
महिला ने शिकायत की थी कि सात और आठ नवंबर 2013 को गोवा के एक पांच सितारा रिसॉर्ट की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने उसका यौन उत्पीड़न किया था।
एक सत्र अदालत ने 2021 में तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने बरी किए जाने के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है और मामले में बहस चल रही है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने 19 जून को न्यायमूर्ति अमित जामसांडेकर और न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ के समक्ष राज्य सरकार का पक्ष रखा।
मेहता ने कहा कि जिरह के दौरान भी पीड़िता को निशाना बनाया गया, जहां उससे पूछा गया कि क्या वह शराब पीती थी, धूम्रपान करती थी और क्या वह यह नहीं मानती कि यौन संबंध एक वर्जित विषय है।
उन्होंने खंडपीठ के समक्ष अपनी दलील में कहा, ‘‘जब भी उसके बयान पर फुसलाने सरीखे प्रश्न पूछे गये, उसने उसका विरोध किया। वह पहले दिन से ही अपने बयान पर पूरी तरह अडिग रही है।’’
भाषा शोभना रमण
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